रामपुरा (जालौन)। रामपुरा नगर के पंचमुखी दक्षिणमुखी हनुमानजी मंदिर परिसर में शिवपाल सिंह सेंगर द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन रुक्मिणी विवाह एवं गोवर्धन पूजा का मनोहारी प्रसंग सुनाकर कथा व्यास पंडित प्रीतम दास शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान कर भाव-विभोर हो उठे।
कथा व्यास पंडित प्रीतम दास शास्त्री ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी का विवाह प्रेम, समर्पण एवं धर्म की विजय का प्रतीक है। वहीं गोवर्धन पूजा प्रसंग के माध्यम से उन्होंने प्रकृति संरक्षण, गौ सेवा एवं लोककल्याण का संदेश दिया। कथा के दौरान भजनों और संगीतमय प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिससे श्रद्धालु देर तक मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार, नैतिक शिक्षा और धार्मिक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है। संस्कारवान पीढ़ी ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को धर्म, संस्कृति और सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। आयोजन के संबंध में सभासद प्रतिनिधि अजय राजावत ने बताया कि कथा का आयोजन शिवपाल सिंह सेंगर के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। कथा के अंतिम दिन सोमवार को विशाल धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया , जिसमें पांच कुंडी यज्ञ, पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे का आयोजन होगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की। इस अवसर पर कमेटी के सदस्य अजीत सिंह जादौन, गजेंद्र सिंह राठौर, अखिलेश सिंह सेंगर, नैतिक ठाकुर, श्याम सिंह राजावत, देवा ठाकुर, कार्तिकेय, डी.के. सर, बलवीर यादव, संदीप राठौर, कुंवर सिंह तोमर, हाकिम सिंह राजपूत,कमल सिंह राजावत, आलोक, भूपेंद्र राजावत, रामू गुर्जर, ब्रजेश राजावत, रिषभ परिहार, अंश सिंह राठौर, शिवम राजावत एवं अंकित राजावत सहित समस्त कमेटी सदस्य व्यवस्था में जुटे रहे।
फोटो परिचय- श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आयोजक गण
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