कालपी (जालौन)। कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ऐतिहासिक पुराने यमुना पुल की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। पुल की पोटबैरिंग में आई तकनीकी खराबी को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जबकि छोटे वाहनों की आवाजाही पूर्ववत जारी है।
मरम्मत कार्य के तहत पुल के नीचे विभिन्न स्थानों पर तकनीकी तैयारियां की जा रही हैं। कर्मचारियों द्वारा मरम्मत के दौरान उपयोग किए जाने वाले प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं, जिन पर खड़े होकर इंजीनियर और श्रमिक कार्य करेंगे। अब तक चार प्लेटफॉर्म तैयार किए जा चुके हैं, जबकि अन्य स्थानों पर शटरिंग लगाने और प्लेटफॉर्म निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पुल के नीचे कोठी पिलर के आसपास करीब एक दर्जन कर्मचारी शटरिंग बांधने, संरचनात्मक मजबूती और अन्य तकनीकी कार्यों में जुटे हुए हैं। मरम्मत के दौरान पुल के कुल 13 स्थानों पर कार्य किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से काम कराया जा रहा है। सैंट फील्ड इंडिया लिमिटेड के प्रोजेक्ट इंजीनियर सैय्यद तकी रजा ने बताया कि पुल की पोटबैरिंग खराब होने के कारण वाहनों के गुजरने पर जंप की स्थिति उत्पन्न हो रही थी, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय था। इसी कारण भारी वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य पूरी सावधानी और तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है। वहीं, भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पुराने पुल के दोनों ओर पत्थर रखकर बैरिकेडिंग कर दी गई है। ट्रक और बस जैसे बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से नए यमुना पुल की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। इसके लिए दुर्गा मंदिर के सामने डिवाइडर काटकर विशेष व्यवस्था की गई है।
फोटो परिचय- पुराने यमुना पुल की मरम्मत कार्य
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