कालपी (जालौन)। संभावित बाढ़ और भारी वर्षा के मद्देनजर जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को यमुना नदी के प्राचीन पीला घाट पर प्रशासन ने व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, पूर्ति विभाग व नगर पालिका की टीमों ने राहत-बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।
अपर जिलाधिकारी राजू राय ने बताया कि ड्रिल के दौरान नाव पलटने की काल्पनिक स्थिति बनाकर विभागों के समन्वय का परीक्षण किया गया। सूचना मिलते ही टीमों ने नदी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। कालपी तहसील के करीब 42 गांव बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्र में आते हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में बाढ़ राहत चौकियां स्थापित कर भोजन, दवाओं व अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है। पशुओं के लिए अलग शिविर बनाए गए हैं, जहां चारे-भूसे की व्यवस्था की गई है। उपजिलाधिकारी अमित शेखर ने बताया कि राहत चौकियों पर लेखपाल तैनात किए गए हैं तथा ग्रामीणों को बाढ़ बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। क्षेत्राधिकारी अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रमुख घाटों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। एनडीआरएफ प्रभारी ओम प्रकाश सिंह व पीएसी प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से अपील की कि बाढ़ की आशंका पर समय रहते स्वयं व पशुओं को ऊंचे, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। इस मौके पर डा. दिनेश बरतिया, डा. शेख शहरयार, उज्जवल मिश्रा, प्रवीण कुमार मौर्य, चंचल कुमार, जितेंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह सेंगर, एफएसओ चंद्र शेखर यादव, विनोद नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटोपरिचय-मॉक ड्रिल के दौरान मौजूद अधिकारी कर्मचारी
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