सपा नेताओं पर मुकदमे के विरोध में सांसद नारायणदास अहिरवार ने दी आंदोलन की चेतावनी

  
उरई (जालौन)। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित 50 नामजद और 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में सांसद नारायणदास अहिरवार ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण और एकतरफा बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।

सांसद नारायणदास अहिरवार ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि देश में महंगाई, डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दाम और युवाओं के भविष्य से जुड़ी नीट (नीट परीक्षा) जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से आम जनता और किसान बेहद परेशान हैं। इन जनहित के मुद्दों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया था।
उन्होंने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि अभी हाल ही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के आगमन के दौरान भारी भीड़ जुटी और धक्का-मुक्की हुई, लेकिन उनके कार्यकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो दिन पहले उरई आए मंत्री मनोज पांडे के काफिले में भी भारी भीड़भाड़ रही, मगर पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। इसके विपरीत, सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने प्रशासन से बकायदा लिखित अनुमति (परमिशन) लेकर सपा कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला था। इस दौरान न तो कोई धक्का-मुक्की हुई और न ही किसी को नुकसान पहुँचाया गया। इसके बावजूद सपाइयों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
 सांसद ने परीक्षाओं के लगातार लीक हो रहे पेपरों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर सरकार और प्रशासन ने इन व्यवस्थाओं पर लगाम नहीं कसी, तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। जनता के हक के लिए सड़कों पर उतरकर बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।
इस प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य रूप से सांसद नारायणदास अहिरवार के साथ लल्ला यादव, सुरेंद्र बजरिया सहित कई वरिष्ठ सपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो परिचय- प्रेस वार्ता करते सांसद नारायणदास अहिरवार

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