-काम पर लौटे जूनियर डॉक्टर, डॉक्टरों की सुरक्षा का आश्वासन दिया आला अधिकारियों ने
- मुकदमा दर्ज होने के बाद हड़ताल पर चले गए थे जूनियर डॉक्टर, ठप हो गई थी स्वास्थ्य सेवाएं
उरई(जालौन)। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के आश्वासन के बाद स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो गई। हड़ताली जूनियर डॉक्टरों ने दोपहर 12 बजे से ओपीडी में मरीजों को देखा और इमरजेंसी सेवाएं भी नियमित रूप से काम करती नजर आई।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एक भजपा नेता के द्वारा इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे चिकित्सक पर हमलावर होने के बाद विवाद बढ़ गया था और फिर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी जिस पर चिकित्सक डॉ. आराध्य नगाइच ने भाजपा नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था जिसको लेकर दूसरे ही दिन व्यापारियों ने एकजुट होकर बाजार बंद कराकर घंटाघर चौराहे पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था और चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पूरी होने के बाद ही धरना समाप्त किया था । व्यापारी नेता की तरफ से जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होते ही मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे उन्होंने अपनी सुरक्षा एवं अन्य मांगों को लेकर ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दी थी और धरने पर बैठ गये थे । कल शाम को उन्होंने कैंडल मार्च भी निकाला था और संवेदनहीन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी भी की थी इस मामले को तूल देने में सोशल मीडिया के कारिंदों की भूमिका रही जिन्होंने मामले को बढा चढ़ाकर दोनों पक्षों को उलझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी हालांकि पुलिस प्रशासन के द्वारा ऐसे लोगों को टाइट करने के बाद ही मामला शांत हो सका । आज जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने प्राचार्य डॉ अरविंद त्रिवेदी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत निरंजन की मौजूदगी में जूनियर डॉक्टरों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना।आला अधिकारियों ने जूनियर डॉक्टरों की सभी मांगों को मानते हुए ड्यूटी के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जिससे रात के समय ड्यूटी के दौरान शराब में धुत कोई अराजक तत्व उनके ऊपर हमलावर ना हो सके। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो गई और जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी के साथ ओपीडी मैं भी काम किया।
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