-तीन जरूरतमंद बेटियों का कराया गया सामूहिक निकाह,
- फिजूलखर्ची छोड़ सादगी अपनाने की अपील
कालपी(जालौन)। नगर के मोहल्ला राजेपुरा स्थित हज़रत सैयदना अब्दुर्रहमान रहमतुल्लाह अलैह उर्फ खरबूजे वाले गुम्बद का दो दिवसीय सालाना उर्स अकीदत और धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हो गया। उर्स के मौके पर आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में तीन जरूरतमंद बेटियों का निकाह कराया गया, जिसकी लोगों ने सराहना की।
रजा कमेटी की ओर से आयोजित धार्मिक जलसे में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दरगाह फफूंद शरीफ के सज्जादा नशीन मौलाना सैयद समद मियां मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज में शादियों को आसान बनाने और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उर्स जैसे धार्मिक आयोजनों में सामूहिक विवाह कराना सामाजिक एकता और इंसानियत की मिसाल है। जलसे में मौलाना सैयद अनस ने दीनी बयान पेश किया, जबकि मुफ्ती मौलाना अशफाक अहमद बरकाती ने लोगों से पैगम्बर हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं पर अमल करने का आह्वान किया। उन्होंने सूफी संतों और बुजुर्गों की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए आपसी मोहब्बत, भाईचारा और इंसानियत का संदेश दिया।महफिल में विभिन्न शायरों और नातख्वानों ने अपने कलाम पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। कार्यक्रम में कारी शकील रहमानी, कारी अब्दुल सलीम, हाफिज दाबिर रजा सहित कई उलेमा और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उर्स के दौरान दरगाह पर फूल और चादर पेश कर मुल्क में अमन-चौन की दुआ मांगी गई। समापन अवसर पर लंगर वितरित किया गया। कार्यक्रम में राजा खान, अरबाज बरकाती, सुलेमान सुनार, आसिफ कुरैशी एडवोकेट, सलीम अंसारी, रहमान मिस्त्री समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। फोटो परिचय- उर्स के मौके पर आयोजित जलसे में तकरीर करते उलेमा
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