कोंच(जालौन)। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं सीसीआरटी नई दिल्ली द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तर प्रदेश की युवा लोक कलाकार संस्कृति गिरवसिया का चयन बुंदेली चितेरी लोक कला (ठनदकमसप थ्वसा ।तज च्ंपदजपदह) के लिए किया गया है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश एवं बुंदेली लोक संस्कृति के लिए गर्व का विषय है।
देशभर से लगभग 5000 प्रतिभागियों ने इस राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति योजना में भाग लिया था, जिनमें से चयनित प्रतिभागियों की सूची में संस्कृति गिरवसिया ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए विशेष स्थान प्राप्त किया। चयन प्रक्रिया विशेषज्ञ समिति द्वारा आयोजित साक्षात्कार एवं कला प्रदर्शन के आधार पर की गई।
यह छात्रवृत्ति योजना भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने एवं भारतीय पारंपरिक कलाओं के संरक्षण हेतु संचालित की जाती है। इसके अंतर्गत चयनित कलाकारों को दो वर्षों तक उन्नत प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
संस्कृति गिरवसिया लंबे समय से बुंदेली चितेरी लोक कला एवं पारंपरिक चित्रकला के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी कला में भारतीय लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन एवं पारंपरिक रंगों की सुंदर झलक देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी मेहनत, समर्पण एवं रचनात्मकता के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है संस्कृति ने गुरु रोहित बिनायक के मार्ग दर्शन में लोक कला की बारीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया उनकी इस उपलब्धि से उनसे जुड़े लोगों में हर्ष का माहौल है।
फोटो परिचय- पारंपरिक चित्रकला में जीवन उकेरती संस्कृति गिरवसिया
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