हिमांशु खरकया
जालौन। सोमवार सुबह झांसी-कानपुर हाईवे पर कोतवाली कालपी क्षेत्र के 84 गुंबद के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में रामलला के दर्शन कर लौट रहे 10 श्रद्धालुओं की टवेरा ने पीछे से तेज रफ्तार में ट्रक में घुसकर 6 लोगों की जान ले ली। चार गंभीर रूप से घायल हैं। सभी ललितपुर के महरौनी निवासी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं।
भीषण टक्कर, सीट बेल्ट न लगाने से नहीं खुले एयरबैग
हादसा सुबह करीब 6 बजे उस वक्त हुआ, जब शशिकांत तिवारी (49) अपने परिजनों के साथ अयोध्या से दर्शन कर वापस ललितपुर लौट रहे थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, कालपी के जोल्हुपुर मोड़ के पास ड्राइवर को अचानक झपकी आ गई, जिससे कार अनियंत्रित होकर सामने जा रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि टवेरा के परखच्चे उड़ गए। सूत्रों के मुताबिक, सभी सवारों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, जिससे वाहन में लगे एयरबैग एक्टिवेट नहीं हो सके। यही लापरवाही जानलेवा साबित हुई।
20 मिनट तक कार में तड़पते रहे लोग, गैस कटर से काटा गेट
हादसा इतना भयानक था कि मलबे में दबे लोग करीब 20 मिनट तक कार के केबिन में फंसे रहे और तड़पते रहे। कुछ घायलों को निकालने में करीब एक घंटा लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गैस कटर की मदद से कार के गेट काटकर घायलों को बाहर निकाला। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
मृतकों में शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत नायक, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी, अंशुल तिवारी, स्वामीप्रसाद तिवारी, मनोज भोंडल और देशराज बताए जा रहे हैं। सभी एक ही परिवार के हैं।
पुलिस-प्रशासन मौके पर, मेडिकल में लापरवाही के भी आरोप
घटना के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने मौके का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि 6 लोगों की मौत हुई है और 4 का उपचार मेडिकल कॉलेज उरई में चल रहा है। मगर एक ओर जहां हादसे में दर्द था, वहीं मेडिकल कॉलेज पहुंची एम्बुलेंस के बाहर वार्ड बॉय न होने के कारण घायल करीब 10 मिनट तक एम्बुलेंस में ही तड़पते रहे। बाद में लोगों ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया। प्रशासन ने मामले की जांच और घायलों के बेहतर इलाज के आदेश दिए हैं। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
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