(हिमांशु खरकया)
उरई (जालौन)। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एक्टू) के बैनर तले आज उरई की सड़कों पर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर विशाल प्रदर्शन निकाला गया। यह प्रदर्शन 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में कार्यरत महिला संविदा कर्मियों पर कथित पुलिसिया जुल्म, उनके छह माह के बकाया वेतन, रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत, तथा बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों की तबाही को लेकर किया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व एक्टू राष्ट्रीय पार्षद कामरेड राम सिंह चौधरी, किसान महासभा प्रदेश सह सचिव कामरेड राजीव कुशवाहा, एक्टू जिला सचिव कामरेड हरिशंकर पल्लेदार, मजदूर यूनियन कोषाध्यक्ष कामरेड रामबाबू अहिरवार, एक्टू नेता कामरेड शिवबालक बाथम व इंकलाबी नौजवान सभा नेता कामरेड मुकेश मौर्य ने किया। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचते ही यह प्रदर्शन एक जनसभा में तब्दील हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए कामरेड राम सिंह चौधरी ने कहा कि केवल छह माह के बकाया वेतन की मांग करने वाली महिला कर्मियों पर पुलिसिया कहर बरपाया गया। उन्होंने राज्य सरकार पर महिलाओं को दबाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे दिए जाते हैं, वहीं महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं तो उनके साथ बर्बरता की जाती है। साथ ही उन्होंने किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा, गैस सिलेंडर की उपलब्धता, व चारों श्रम कोड निरस्त करने की मांग की।
अखिल भारतीय किसान महासभा के कामरेड राजीव कुशवाहा ने कहा कि जनपद जालौन में ओलावृष्टि से हुई फसलों की तबाही पर किसानों का सभी प्रकार का कर्ज तुरंत माफ किया जाए। उन्होंने बढ़े बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और जबरिया वसूली के खिलाफ आवाज उठाई। एक्टू जिला सचिव ने निर्माण मजदूरों के पंजीकरण व गृहणी कामगार महिलाओं को ₹3000 मासिक पेंशन की गारंटी की मांग की।
प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं व पुरुष शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और महिला कर्मियों को नियमित करने की मांग की है।ज्ञापन में अन्य कई स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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