चमारी गांव का नाम न बदले जाने की मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा बसपाइयों ने


उरई (जालौन)। कालपी तहसील अंतर्गत ग्राम चमारी का नाम परिवर्तन किए जाने के मामले में ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है। अंबेडकर जनता स्कूल समिति चमारी के प्रबंधक राममिलन गौतम के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।

इस अवसर पर बसपा जिलाध्यक्ष अतरसिंह पाल, झांसी मंडल प्रभारी डा. बृजेश जाटव, रविकांत गौतम एडवोकेट, उदयवीर सिंह दोहरे, रामनारायण, अमरसिंह, प्रताप सिंह, हरप्रसाद, प्रदीप कुमार, रामबाबू, मनोज अहिरवार, रोहित कुमार, प्रवेश कुमार, रामसेवक, गंगा सिंह, सुनील, सोनू गौतम, रोहित, छोटू, किशोरी लाल, रामऔतार, आदेश भंते, विनय गौतम सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि चमारी गांव को रविदास समाज के पूर्वजों द्वारा बसाया गया था और आज भी इस समाज की गांव में सर्वाधिक आबादी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामवासियों द्वारा कभी भी नाम परिवर्तन की कोई मांग नहीं की गई है। नाम बदलने पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, संस्थागत रिकॉर्ड, न्यायालय में लंबित राजस्व मामलों तथा पुराने भूमि रिकॉर्ड के अलावा सरकारी और निजी नौकरी करने वालों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। समिति प्रबंधक राममिलन गौतम ने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 1974 से 1984 के बीच भी कुछ अराजक तत्वों द्वारा गांव का नाम बदलने का प्रस्ताव तत्कालीन प्रधान स्व. दिबोले के कार्यकाल में लाया गया था, जिसका ग्रामीणों और प्रधान ने भारी विरोध किया था। उस समय यह मामला झांसी कमिश्नरी में गया था, जहां अदालत ने मुकदमा खारिज कर दिया था। ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से गांव का नाम न बदले जाने की मांग उठाई है।
फोटो परिचय- सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते बसपाई 

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