उरई(जालौन)। आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को परिवार न्यायालय, जालौन में अनुश्रवण समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर प्रधान न्यायाधीश एवं नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार पाण्डेय ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री पाण्डेय ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पारिवारिक, वैवाहिक एवं भरण-पोषण के वादों में पक्षकारों के बीच सुलह-समझौता कराने पर विशेष जोर दिया जाए। इससे इन मामलों का आपसी राजीनामे के आधार पर निस्तारण किया जा सकेगा।
बैठक में परिवार कल्याण विशेषज्ञ सुश्री प्रियंका द्विवेदी ने बताया कि न्यायालय से प्राप्त होने वाली पत्रावलियों में नियमित रूप से मीडिएशन कराया जा रहा है और पक्षकारों से संपर्क कर उनके बीच सुलह वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यस्थगण श्री विनोद प्रकाश व्यास और श्रीमती सुलेखा सिंह ने भी आगामी लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पक्षकारों के बीच मध्यस्थता के प्रयासों की जानकारी दी।
इस दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारण के लिए अपने सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने मुवक्किलों को समझा-बुझाकर समझौते के लिए प्रेरित करेंगे।
इस अवसर पर सदर मुंसरिम काजी वसीम उल्ला, न्यायालय कर्मचारी राजन मिश्रा के अलावा अधिवक्तागण शिवम सिंह सेंगर, रामप्रकाश प्रजापति, अखिलेन्द्र चौहान, निर्मल यादव और सुश्री कस्तूरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आपसी सुलह-समझौते से वादों के निस्तारण को प्राथमिकता दी जाएगी।
फोटो परिचय- बैठक लेते नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार पाण्डेय
बैठक को संबोधित करते हुए श्री पाण्डेय ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पारिवारिक, वैवाहिक एवं भरण-पोषण के वादों में पक्षकारों के बीच सुलह-समझौता कराने पर विशेष जोर दिया जाए। इससे इन मामलों का आपसी राजीनामे के आधार पर निस्तारण किया जा सकेगा।
बैठक में परिवार कल्याण विशेषज्ञ सुश्री प्रियंका द्विवेदी ने बताया कि न्यायालय से प्राप्त होने वाली पत्रावलियों में नियमित रूप से मीडिएशन कराया जा रहा है और पक्षकारों से संपर्क कर उनके बीच सुलह वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यस्थगण श्री विनोद प्रकाश व्यास और श्रीमती सुलेखा सिंह ने भी आगामी लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पक्षकारों के बीच मध्यस्थता के प्रयासों की जानकारी दी।
इस दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारण के लिए अपने सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने मुवक्किलों को समझा-बुझाकर समझौते के लिए प्रेरित करेंगे।
इस अवसर पर सदर मुंसरिम काजी वसीम उल्ला, न्यायालय कर्मचारी राजन मिश्रा के अलावा अधिवक्तागण शिवम सिंह सेंगर, रामप्रकाश प्रजापति, अखिलेन्द्र चौहान, निर्मल यादव और सुश्री कस्तूरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आपसी सुलह-समझौते से वादों के निस्तारण को प्राथमिकता दी जाएगी।
फोटो परिचय- बैठक लेते नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार पाण्डेय
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