-बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष-यदि हम एक मत नहीं हुए तो हमारा राजनैतिक उत्पीड़न होता रहेगा
उरई। अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा की समीक्षा बैठक शहर के कोच बाईपास स्थित मुस्कान बैंक्विट हाल में आयोजित की गई। अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल राजा जी की अध्यक्षता में प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप चौहान के विशिष्ट आतिथ्य में संतोष वाल्मीकि प्रदेश सचिव के दिशा निर्देश, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र नाहर, जिलाध्यक्ष जालौन अजय नाहर, जिलाध्यक्ष झांसी जितेंद्र कागरे के संयोजन में यह बैठक आयोजित की गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल राजा जी ने विश्व विद्यालय अनुदान आयोग जातिगत आरक्षण सहित वाल्मीकि समाज की ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के विषयक अपने विचार रखे। उन्होंने कहा हमारी समाज से जुड़ी हुई तमाम समस्या के समाधान हेतु हमारी समाज को शैक्षिक राजनैतिक और आर्थिक उन्नति हेतु हमें अन्य समाजों की तरह उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। यदि हम एक मत नहीं हुए तो हमारा राजनैतिक, आर्थिक, शैक्षिक स्तर पर हमेश उत्पीड़न होता रहेगा। उन्होंने तथाकथित वाल्मीकि महासभा के परिप्रेक्ष्य में निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।बताया कि जिस व्यक्ति का मनोनयन मेरे द्वारा किया गया, उसके द्वारा निजी स्वार्थ पूर्ति न होने के कारण कथित वाल्मीकि महासभा का गठन किया गया। स्वयं के संगठन को असली वाल्मीकि महासभा के रूप प्रचारित किया जा रहा है जो अनैतिक है। प्रदेशध्यक्ष प्रदीप चौहान वाल्मीकि ने कहा कि समाज को एकजुटता दिखानी है। भाजपा सरकार वाल्मीकि समाज के लिए काम कर रही है लेकिन अभी भी कई समस्याएं है, जिनका निदान जरूरी है। मंच संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष महेश वाल्मीकि ने किया। जबकि मंडल उपाध्यक्ष बबलू बाल्मीकि ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भाषण बिल्लू चौहान ने किया। जबकि राजेश मच्चल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव अनिल पहलवान बबीना, लाखन सिंह, आकिंचन. हरिशंकर वाल्मीकि, रामजीवन पचोखरा, अरविंद बंगारिया, मंगल तीतरा, आशीष कांत, सौरभ, अरुण, हरिया आनंद, महेंद्र रामपुरा, घनश्याम, केशव आदि मौजूद रहे।
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