उरई(जालौन)। ओबीसी एससी एसटी संयुक्त संघर्ष मोर्चा जनपद जालौन के द्वारा आज यूजीसी बिल 2026 को लागू करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। संगठन के आह्वान पर सैकड़ों समर्थकों ने अंबेडकर चौहारे पर एकत्र होकर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और फिर कलेक्ट्रेट परिसर तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान वातावरण बाबा साहब अमर रहे, मान्यवर कांशीराम अमर रहे और बाबा फुले अमर रहे यूजीसी बिल 2026 लागू करो के नारों से गूंजता रहा।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया मार्च
संयुक्त मोर्चा द्वारा 16 फरवरी की शाम 4रू00 बजे जुलूस निकालने की घोषणा के मद्देनजर प्रशासन चौकस हो गया था। अपराह्न 3रू00 बजे से ही अंबेडकर चौराहे पर पुलिस और खुफिया विभाग के तंत्र सतर्क हो गए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, समर्थकों ने सबसे पहले डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गगनभेदी नारे लगाए। इसके बाद शांतिपूर्ण तरीके से पैदल मार्च निकाला गया, जो कलेक्ट्रेट परिसर में जाकर संपन्न हुआ।
प्रमुख नेतृत्व और उपस्थित गणमान्य लोग
इस आंदोलन का नेतृत्व संयुक्त मोर्चा के रामकृपाल सिंह पाल, कमलेश सागर, अरविंद कुशवाहा और देवेश कुमार वर्मा ने किया। मार्च में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के सुधाकर राव गौतम, सुंदर सिंह शास्त्री, रमाकांत दोहरे, मिस्टर सिंह, राकेश पाल, पुनीत भारती और राम अवतार सिंह गौतम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हुए।
कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा, ये हैं प्रमुख मांगें
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी बिल 2026 के समर्थन में महामहिम राष्ट्रपति, भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी अधिनियम 2026 में ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों को सामाजिक और शैक्षणिक न्याय दिलाने का ध्यान रखा गया है, इसलिए हम इसका समर्थन करते हैं।
ज्ञापन में यूजीसी बिल 2026 को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। केंद्रीय तथा राज्य विश्वविद्यालयों में आरक्षित वर्ग के लिए आरक्षित खाली पड़ी सीटों पर खुली प्रतियोगी परीक्षा कराकर उन्हें भरा जाए। देश भर के डिग्री कॉलेजों में आरक्षित वर्ग की रिक्त सीटों को भी शीघ्र भरा जाए। आरक्षित वर्ग में लागू एनएफएस (एनओसी फ्रॉम एम्प्लॉयर) व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की गई है ।
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