कार्यशालाएं युवाओं में रचनात्मक सोच और सामाजिक चेतना का विकास करती हैं: ऋतु उपाध्याय


कोंच(जालौन)।
कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल एवं भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा इकाई कोंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क ग्रीष्मकालीन बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य कार्यशाला के पंजीकरण उत्सव के तीसरे दिन भी बच्चों और युवाओं में उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने पहुंचकर अपना पंजीकरण कराया तथा कार्यशाला की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

    इस अवसर पर इप्टा की वरिष्ठ रंगकर्मी ऋतु उपाध्याय ने कहा कि नाट्य कार्यशालाएं युवाओं में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना का विकास करती हैं। रंगमंच केवल अभिनय की कला नहीं सिखाता, बल्कि व्यक्ति को समाज और जीवन की वास्तविकताओं से भी जोड़ता है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राष्ट्र सेविका समिति की कार्यवाहक अध्यक्ष निधि सिंघल ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं प्रतिभाओं को पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम हैं। यहां प्रतिभागियों को अपनी अभिव्यक्ति को प्रभावी बनाने, टीम भावना विकसित करने तथा नई चीजें सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को कला और संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यशाला संयोजक पारसमणि अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला में नाटक, अभिनय, संगीत, नृत्य, क्राफ्ट और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। इप्टा अध्यक्ष अनिल कुमार वैद ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। इस अवसर पर दानिश कैफ, सानिया, सलमानी वर्षा नाहर प्रियंका चौधरी, पूनम देवी, परी, आफरीन, पलक, नसरीन, नखत, महक, जीनत, निशि, आलिया, अनामिका, प्रयान्सी, नैनसी, हिमांशी, सौम्या, माही, शादाब, हेमंत, कौशल, अर्श,काव्या द्विवेदी, चेतन द्विवेदी, आदि उपस्थित रहे।
फोटो परिचय-कार्यशाला में मौजूद रंगकर्मी 

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