उरई (जालौन)। जनपद जालौन के माधौगढ़ विकास खंड में पंचायतीराज अधिनियम एवं मनरेगा के नियमों की धज्जियाँ उड़ती दिख रही हैं। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ग्राम प्रधान अपने और अपने परिजनों के खातों में मनमाने ढंग से मजदूरी का भुगतान करा रहे हैं। इसमें ग्राम पंचायत सचिवों की मिलीभगत का आरोप भी लग रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानों ने ग्राम निधि को लूट का हथियार बना लिया है। विरोध करने वालों को धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप और सख्त कार्रवाई की माँग की है।जिन्होंने कुछ नहीं किया उनके खाते में मनरेगा का पैसा डाला।
हर हाथ को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य शुरू की गई मनरेगा योजना को ग्राम पंचायत मड़ोरीमें ग्राम प्रधान नीरज कुमार एवं पंचायत सचिव सुमित यादव ने अपने हाथों का खिलौना बना दिया मनरेगा योजना में पिछले 5 सालों में एक करोड़ के कार्यों में महा घोटाला किया गया है और जो भी कार्य के भुगतान किए गए हैं उनका बारीकी से स्थल सत्यापन कराया जाए तो एक बड़ा घोटाला सामने आ सकता है हैरानी की बात तो यह कि मनरेगा योजना में उन मजदूरों को भुगतान किया गया है जिन्होंने कभी अपने हाथ में फावड़ा भी नहीं पकड़ा। लक्ष्मी पत्नी रामचंद्र सिंह जॉब कार्ड नंबर 1102 राजकुमार सिंह पुत्र शिव सिंह 1128 अनिल सेंगर पुत्र रामशरण सिंह 1149 सोनम सेंगर पत्नी सुरजीत सिंह 1150 शीतल सिंह पत्नी जयकरण सिंह 1241 ज्योति प्रजापति पुत्री मुकेश 1255 जिसकी शादी हो चुकी है उसके खाते में भी मनरेगा कार्य की धनराशि प्रधान एवं सचिव की मिलीभगत डाली गई है इसी तरह सत्यम प्रजापति पुत्र राजेश जॉब कार्ड नंबर 1256 इसकी दुकान है आज दिन तक इस मनरेगा योजना की कार्य करते नहीं देखा गया। रोहित तिवारी पुत्र विजय कुमार 1374 दीपिका देवी पुत्री चंद्रपाल सिंह 1358 इसकी शादी 6 साल पहले हो चुकी है लेकिन उसके खाते में प्रधान एवं सचिव द्वारा मनरेगा कार्य की धनराशि उड़ेली जा रही है सुरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र अरविंद सिंह 1359 विवेक सिंह तोमर पुत्र बृजराज सिंह तोमर 1395 संगीता देवी पत्नी रामवीर सिंह 1357 मनमोहन पुत्र अरविंद सिंह 1398 मोहित चतुर्वेदी पुत्र नरेश चतुर्वेदी 1140 आरती पत्नी राजकुमार 1141 शैलेंद्र पुत्र लोकेंद्र सिंह 1116 द्रोपदी देवी पत्नी शिवराम सिंह 1074 राम सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह 1072 आरती सेंगर पत्नी अमित कुमार 1224 और ऋषभ तिवारी पुत्र विजय कुमार का जॉब कार्ड नंबर 1468 है ऐसे तमाम जॉब कार्ड धारक हैं जो कभी भी मनरेगा का काम करने नहीं गए लेकिन भ्रष्ट पंचायत सचिव सुमित यादव एवं ग्राम प्रधान नीरज कुमार के द्वारा धनराशि उनके खाते में डालकर बड़े पैमाने पर मनरेगा धनराशि का गवन किया गया है।
मनरेगा के कार्य हुए नहीं और धनराशि हड़प ली
ग्राम पंचायत मड़ोरी के पंचायत सचिव सुमित यादव एवं ग्राम प्रधान नीरज कुमार का खेल यही तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने बिना कार्य ही मनरेगा की धनराशि निकाल ली बहुत से तो ऐसे काम है जिनकी दो दो बार काम दिखाकर धनराशि निकल गई है ग्राम पंचायत मड़ोरी में दुबरा की ओर नाले की साफ सफाई के नाम पर धनराशि निकाल ली गई है लेकिन मौके पर नाले के बहुत आगे रोटावेटर चला कर मिट्टी को एक सम कर दिया गया है जबकि नाले की ना तो सफाई हुई ना खुदाई हुई सबसे बड़ा घोटाला चकबंध के निर्माण में भी देखा जा रहा है जिसमें एक-एक काम को दो-दो बार दिखा कर धनराशि निकाल गई है।
डीसी मनरेगा पर शिकायत को रफा दफा करने के आरोप
तहसील जालौन ब्लॉक माधवगढ़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत मड़ोरी में हुए मनरेगा घोटाले की जांच डीसी मनरेगा से ना कराने की मंाग भी ग्रामीणों द्वारा की जा रही है ग्रामीणों का आरोप है कि उनके द्वारा शिकायत करने के बाद डी सी मनरेगा पंचायत सचिव सुमित यादव एवं प्रधान नीरज से सांठगांठ होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं करते और जांच के नाम पर खामोश हो जाते हैं जिससे ऐसा लगता है कि मनरेगा उपायुक्त द्वारा जांच के नाम पर खाना पूर्ति करके अपनी जेब गर्म कर ली जाती है जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी जांच को दबाकर बैठ जाते हैं आज तक उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई ।
संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह से कराई जाए मनरेगा घोटाले की जांच
ग्राम पंचायत मड़ोरी में मनरेगा कार्य में हुए बड़े घोटाले के पर्दाफाश करने एवं दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी राजेश पांडे से गुहार लगाई है ग्रामीणों का कहना था कि मनरेगा के करीब एक करोड़ रुपए की धन राशि के के काम दर्शाकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ झाला किया गया है इसलिए इस घोटाले के पर्दाफाश के लिए वह सही जांच के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह के मार्गदर्शन में जांच कराई जाए जिससे घोटालेबाजों को सख्त से सख्त सजा मिल सके।
फोटो परिचय-मजदूरी भुगतान का स्क्रीन शाट
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