हिमांशु खरकिया
उरई(जालौन)। भारत की जनगणना 2027 को सटीक एवं पारदर्शी बनाने के लिए जनपद में प्रशिक्षण अभियान जोरों पर है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गांधी इंटर कॉलेज में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और स्वयं कक्षा में बैठकर प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखी।
उरई(जालौन)। भारत की जनगणना 2027 को सटीक एवं पारदर्शी बनाने के लिए जनपद में प्रशिक्षण अभियान जोरों पर है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गांधी इंटर कॉलेज में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और स्वयं कक्षा में बैठकर प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखी।
डीएम ने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की नींव है। यह राष्ट्रीय दायित्व है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक बिंदु को व्यावहारिक रूप से समझा जाए, ताकि फील्ड कार्य में त्रुटि न हो। गौरतलब है कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं गणना हेतु यह प्रशिक्षण 20 अप्रैल से 5 मई 2026 तक जनपद की सभी तहसीलों एवं नगर निकायों में चल रहा है। प्रत्येक बैच में 45-50 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तीन दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसमें डिजिटल डेटा संग्रहण, मोबाइल एप आधारित प्रक्रिया एवं फील्ड सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। फील्ड कार्य 22 मई से 20 जून 2026 तक निर्धारित है। इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील सहित अन्य अधिकारी व प्रशिक्षक उपस्थित रहे।
फोटो परिचय- प्रशिक्षण जायता लेते डीएम
फोटो परिचय- प्रशिक्षण जायता लेते डीएम
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