ओलावृष्टि व बारिश से तबाह हुई फसलों का गहन सर्वे कर तुरंत मुआवजा दिलाए सरकार, बसपा का प्रदर्शन



( हिमांशु खरकया)
उरई, (जालौन)। जनपद में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है। फसलें तबाह होने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसी पीड़ा को लेकर आज बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार जुलूस और प्रदर्शन किया।
जिला अध्यक्ष अतर सिंह पाल के नेतृत्व में निकाले गए इस जुलूस को शहर के विभिन्न इलाकों से जुटे कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों से गुंजायमान कर दिया। प्रदर्शनकारी “किसानों को न्याय दो”, “फसल का मुआवजा दो” के नारे लगाते हुए नगर मजिस्ट्रेट उरई के कार्यालय पहुंचे।
प्रदर्शन के बाद बसपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि हाल की ओलावृष्टि और भारी बारिश ने जनपद के किसानों की कमर तोड़ दी है। सरकार को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का गहनता से सर्वेक्षण कराना चाहिए और हुई क्षति का आंकलन कर किसानों को तत्काल उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उनके किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के बिल माफ किए जाएं, ताकि वे कर्ज के बोझ तले और न दबें।
जुलूस और ज्ञापन देने के दौरान जहां एक ओर जिलाध्यक्ष अतर सिंह पाल ने सरकार पर किसानों के हितों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, वहीं बड़ी संख्या में अन्य पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इनमें माधवगढ़ विधानसभा प्रभारी आशीष पांडे, वरिष्ठ नेता डॉ. रमेश दोहरे, रामदुलारे कुशवाहा, विकल्प प्रजापति, भगवती चरण पांचाल, उदयवीर सिंह दोहरे, सौरभ चौधरी, आनंद परिहार, सरदार सिंह चौधरी, डॉ. देवेंद्र कुमार, मिथिलेश बरसार, पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शिरोमणि, संजय गौतम, धीरेंद्र चौधरी, डॉ. बृजेश जाटव, जितेंद्र दयालु, पूर्व मंडल कोऑर्डिनेटर राजेश जाटव, प्रमोद सिंह राजावत, विजय कुमार श्रीवास, जयप्रकाश कुशवाहा, वीरपाल चौधरी, रामसनेही जाटव, सूरज प्रजापति, रफीउद्दीन पन्नू, नईम खान, अवधेश निरंजन, निर्मल जाटव, अमित भारती, मनीष जाटव, मोहम्मद अल्ताफ, राम अवतार सिंह, नरेंद्र कुमार दोहरे सहित तमाम बसपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल थे।
बसपा का कहना है कि अगर जल्द ही सरकार ने किसानों के मुआवजे और केसीसी माफी जैसे मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। फिलहाल, नगर मजिस्ट्रेट द्वारा ज्ञापन स्वीकार करने के बाद किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि वे अपनी मांग पूरी होने तक शांत नहीं बैठेंगे।


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