ओलावृष्टि से फसलों का भारी नुकसान, विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी

(हिमांशु खरकया)
उरई(जालौन)। जालौन में दिनांक 4 अप्रैल 2026 की सायंकाल अचानक हुई बेमौसम बरसात एवं ओलावृष्टि ने किसानों की आशाओं को चूर-चूर कर दिया। तेज हवाओं के साथ हुई इस प्राकृतिक आपदा से गेहूँ, सरसों, चना सहित रबी की प्रमुख फसलों का व्यापक रूप से नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय बताई जा रही है।

  विधायक गौरी शंकर वर्मा ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन योगी आदित्यनाथ को भेजें पत्र में अवगत कराया कि इस विनाशकारी मौसम ने कई गाँवों की फसलों को तबाह कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित एक पत्र के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों का त्वरित सर्वेक्षण कराकर वास्तविक क्षति का आकलन कराने और शासन की राहत योजना के तहत पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
 उन्होंने बताया कि विकास खण्ड कुठौन्द में नवासी, पण्डितपुर, मालपुर, नौरोजपुर, नाहिली, बरियापुर , कुठौंद, मऊ कनार, जुगराजपुर, रणधीरपुर, आल विजुवाहा, टिकरी, करमुखा, लोहाई दिवारा, भदेख आदि। विकास खण्ड जालौन में  सिकरी राजा, रनवा, देवरी, उदोतपुरा आदि गांव में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है ।
 इस दौरान विधायक के साथ पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन पूजा शुक्ला समाजसेवी वरुण शुक्ला, कुलदीप मिश्रा, पवन शर्मा, दुर्गा भदौरिया,सौरभ मिश्रा, श्यामू व्यास, बीरू द्विवेदी, रामबाबू पाल बाके भैया चाय वाले नरेन्द्र दादा आदि सैकड़ों किसान भाई उपस्थित रहे
किसानों का कहना है कि फसलें अभी कटाई के करीब थीं, लेकिन ओलावृष्टि ने खेतों में तबाही मचा दी। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से हर संभव मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि समय पर मुआवजा मिलने पर ही वे दोबारा खेती शुरू कर पाएंगे और अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकेंगे।जिला प्रशासन पर जल्द से जल्द नुकसान का आंकलन कर राहत प्रदान करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
फोटो परिचय- ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते विधायक व मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी

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