उरई(जालौन)। ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने जनपद जालौन में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की अनुशंसा पर बुंदेलखंड अध्यक्ष सादिक अली ने अशरफ मंसूरी को जिला अध्यक्ष का दायित्व सौंपा है। अशरफ मंसूरी इससे पहले जिला पंचायत चुनाव प्रभारी थे।
अशरफ मंसूरी ने कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य दबे-कुचले, शोषित मजदूरों, किसानों और आर्थिक रूप से पिछड़े नौजवानों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ते हुए उन्हें सांसद और विधायक बनाना है। उनका प्रयास गांव से लेकर शहर तक हर चुनाव में हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि (एआईएमआईएम) को केवल मुस्लिम पार्टी समझना गलत है। यह वास्तव में उन वंचितों की पार्टी है, जिन्हें आजादी के 78 सालों में मुख्यधारा से नहीं जोड़ा गया। उन्होंने अन्य दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी, बसपा या कांग्रेस की सरकारों में सिर्फ उनके सजातीय लोगों को फायदा हुआ, जबकि अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग सिर्फ वोट देता रहा।
अशरफ मंसूरी ने कहा, “हमारी लड़ाई सिंहासन के लिए नहीं, बल्कि अधिकारों के लिए है।” उन्होंने सताए हुए लोगों से मौजूदा निजाम को उखाड़ फेंकने का आव्हान किया। इस मौके पर बुंदेलखंड महासचिव हसन खान, मतलब चंदेल, भूरे खान, इस्लाम अंसारी, चिराग हुसैन, लाला बर्तन वाले, डॉ. संजीव निरंजन, सुएब अंसारी, डॉ. अकबर, साहिल मंसूरी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
फोटो परिचय- पत्रकारों से वार्ता करते अशरफ मंसूरी
Post a Comment