-एनसीईआरटी पुस्तकें अनिवार्य, 5 साल तक नहीं बदलेंगी ड्रेस;
-15 अप्रैल को पुस्तक मेले का आयोजन, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
( हिमांशु खरकया)
उरई(जालौन)। जनपद में निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी के खिलाफ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सख्त रुख अपनाते हुए अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। डीएम ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम की बैठक के दौरान डीएम पाण्डेय ने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों ने हाल में फीस बढ़ाई है, वह या तो राशि अभिभावकों को लौटाएँ या अगले माह की फीस में समायोजित करें। सत्र 2026-27 में किसी भी सीबीएसई, आईसीएसई या यूपी बोर्ड स्कूल को फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई है।
वहीं, पाठ्यपुस्तकों को लेकर भी सख्त आदेश जारी किए गए। सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें ही लागू रहेंगी। निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए बाध्य करने वालों पर कार्रवाई होगी। अभिभावकों को राहत देने के लिए 15 अप्रैल को राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा, जहाँ एनसीईआरटी की पुस्तकें छूट पर उपलब्ध होंगी। साथ ही, पिछले पाँच वर्षों में ड्रेस बदलने वाले स्कूलों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक व बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्कूलों की नियमित जांच और शिकायतों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मौके पर वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीश सिंह, डीआईओएस राजकुमार पंडित, बीएसए चंद्रप्रकाश समेत कई स्कूल संचालक मौजूद रहे।
फोटो परिचय-निजी स्कूल प्रबंधको की बैठक लेते डीएम
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