आत्मसम्मान की चाबी देकर गए बाबा साहब”, अलाईपुरा में धूमधाम से मनी जयंती


- वैचारिक एकता के बिना संघर्ष अधूरा- पुनीत भारती 
- देर रात तक गूंजे ‘जय भीम’ के नारे
 हिमांशु खरकिया 
उरई(जालौन)। जालौन तहसील के ग्राम पंचायत अलाईपुरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। यह आयोजन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि वैचारिक जागरूकता और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला कार्यक्रम बन गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने ओजस्वी स्वर में कहा कि बाबा साहब ने समाज को केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की चाबी भी सौंपी है। उन्होंने युवाओं से वैज्ञानिक सोच विकसित करने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक समाज वैचारिक रूप से एक सूत्र में नहीं बंधेगा, तब तक संघर्ष अधूरा रहेगा।
इस दौरान ज्योतिराव फुले के योगदान का भी उल्लेख करते हुए बताया गया कि अप्रैल माह महापुरुषों का महीना है, जब समाज सुधार और जागरूकता के कई महत्वपूर्ण अध्याय लिखे गए।
रात्रि में आयोजित कार्यक्रम में ‘जय भीम’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। सांस्कृतिक संध्या में बाबा साहब और अन्य महापुरुषों पर आधारित गीतों व प्रस्तुतियों ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में पुनीत कुमार, अवधेश गौतम, संत कुमार शिरोमणि, सुधाकर राव, अनुराधा कठेरिया, अनूप आजाद, नीरज चौधरी, आशीष वर्मा, जावेद अहमद, अशोक कुमार, भगवानदास, संतराम कुशवाहा, श्रीप्रकाश कुशवाहा, रमेश वर्मा, अनुरुद्ध दोहरे, कामता प्रसाद वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
फोटो चरिचय- कार्यक्रम को पेश करते सांस्कृतिक कर्मी

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