ग्राम पंचायत वावली और हाजीपुर में विकास कार्यों का अभाव, ग्राम विकास अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

नारायण तिवारी
कुठौंद (जालौन)। विकासखंड कुठौंद की ग्राम पंचायत वावली एवं हाजीपुर में ग्राम विकास अधिकारी (जीवीडीओ) जय सिंह यादव की कार्यशैली एवं कथित भ्रष्टाचार के चलते विकास कार्य ठप हो गए हैं। ग्रामीणों एवं ग्राम प्रधानों द्वारा कई बार शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन ने कोई उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई है।
सबसे चौंकाने वाला मामला ग्राम पंचायत वावली का है। यहाँ एक ही हैंडपंप रिवोर कार्य (संजू की दुकान के पास) को तीन बार दिखाकर अलग-अलग धनराशि (72,612 रुपए एवं 72,191 रुपए) का भुगतान लिया जा चुका है, जबकि कार्य का भौतिक सत्यापन संदिग्ध है। वहीं लहरी बाबा खेल मैदान के सामने पुलिया निर्माण पर 40,016 रुपए खर्च दिखाए गए, लेकिन मौके पर न तो पुलिया है और न ही कोई ठोस निर्माण। केवल साइड वॉल बनाकर कागजों में पुलिया दर्शा दी गई।

वहीं ग्राम पंचायत हाजीपुर में स्थिति और भी विकट है। ग्राम प्रधान के अनुसार, वर्ष 2024-25 में आज तक जीवीडीओ जय सिंह यादव ने कोई विकास कार्य नहीं कराया। 23 दिसंबर 2024 को ग्राम निधि में 6,96,370 रुपए एवं 31 दिसंबर 2024 को 7,89,012 रुपए (कुल लगभग 14.85 लाख रुपए) आने के बाद भी विकास कार्य शुरू नहीं किए गए। प्रधान द्वारा डीडीओ को शिकायती पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इतना ही नहीं, प्रधान ने आरोप लगाया कि पूर्व में कराए गए इंटरलॉक, हैंडपंप रिवोर, गोपालक, केयर टेकर एवं प्रधान के मानदेय का भी भुगतान नहीं कराया गया है। सचिव का कहना है कि उनके पास कई पंचायतें हैं, इसलिए "आधी-आधी पंचायतों पर ही काम करवाते हैं।" सबसे गंभीर आरोप यह है कि जीवीडीओ गौशाला का रजिस्टर अपने पास रखते हैं, अपनी मनमानी से डिमांड लगाते हैं और ग्राम प्रधान से बिना चर्चा के सारे काम दलालों के माध्यम से संचालित करते हैं।
उल्लेखनीय है कि इसी प्रकार की गतिविधियों के चलते जीवीडीओ जय सिंह यादव पूर्व में ग्राम पंचायत दमरास में निलंबित भी रह चुके हैं।
ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों ने शासन एवं प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन भ्रष्टाचारों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रधान द्वारा की गई शिकायत को दो माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे दोनों पंचायतों का भविष्य अंधकारमय हो गया है और ग्रामीणों का विश्वास टूट गया है।
ज्ञातव्य है कि यह रिपोर्ट जनहित में प्राप्त जानकारियों एवं शिकायत के आधार पर तैयार की गई है। प्रशासन से अनुरोध है कि इस मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने दूरभाष पर बताया कि उन्हें ग्राम पंचायत हाजीपुर एवं बावली में भ्रष्टाचार की शिकायत की जानकारी नहीं है कुछ समय पहले ग्राम विकास अधिकारी जय सिंह यादव के स्थानांतरण की मांग जरूर की गई थी।
 
 

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