0जिम्मेदार अधिकारियों का चहेता होने के कारण कई वर्षों से जमा है ब्लॉक कार्यालय में
0पूर्व व वर्तमान डीसी मनरेगा भी जारी कर चुके है पत्र,कोई कार्यवाही नहीं।
उरई(जालौन)। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के उपायुक्त श्रम रोजगार के आदेश के बावजूद भी महेवा विकास खंड कार्यालय में प्राइवेट कंप्यूटर आपरेटर डटा हुआ है। उक्त कंप्यूटर ऑफरेटर ग्राम पंचायतों की लॉगिन से मनरेगा योजना के मस्टर रोल पर मनमाना काम करवा रहा हैं। विगत वर्ष कई प्रधान नाराजगी जाहिर कर चुके है। उन्होंने कम्प्यूटर आपरेटर को हटाए जाने के लिए डीएम को पत्र दिया था। जिस पर पूर्व डीसी और वर्तमान डीसी मनरेगा ने पत्र जारी कर कार्यवाही के निर्देश दिए थे।
गौरतलब है कि महेबा ब्लॉक में इस समय प्राइवेट कंप्यूटर ऑफरेटर सुमित सिंह की चर्चाएं जोरो पर है। प्रधानों ने बताया कि कंप्यूटर ऑफरेटर मनमर्जी से मनरेगा योजना के कार्यों की फीडिंग करता है। चिन्हित ग्राम पंचायतों को छोड़कर अन्य गांवों की फाइल जीरो करवा देता है। कई बार कमीशन को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। ग्रुप बना कर दर्जनों ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के फर्जी कार्य दिखा कर लाखों रूपये के भुगतान कर चुका है। ग्रुप में कुछ चर्चित रोजगार सेवक,प्रधान भी शामिल है जो आए दिन शराब पार्टी करते हुए देखे जाते है। प्रधानों ने बताया कि प्राइवेट कंप्यूटर ऑफरेटर कच्चे कार्यों एवं मैटेरियल के भुगतान से पूर्व जिम्मेदार का कमीशन ले लेता है। जो कमीशन एडवांस में नहीं देता है तो उसके कच्चे कार्यों को डीले दिखा कर जीरो कर दिया जाता है। सूत्रों ने बताया कि मैटेरियल के भुगतान लगाने के नाम पर बीडीओ ने प्राइवेट कंप्यूटर ऑफरेटर के माध्यम से प्रधानों से एडवांश कमीशन ले लिया है जिस कारण आए दिन प्रधान अपना पैसा मांगने ब्लॉक आते रहते हैं। जो चर्चा का विषय बना हुआ है
Post a Comment