माधौगढ़ में बड़ी लापरवाही, गुमशुदा का शव बाड़े में मिला, थानाध्यक्ष समेत तीन निलंबित


-- गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद भी नहीं की गई ठोस कार्रवाई, 12 दिन बाद मिला शव
उरई(जालौन)। जनपद जालौन की कोतवाली माधौगढ़ में पुलिस की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। रूद्रपुरा गांव से गुमशुदा युवक का शव 12 दिन बाद एक आरोपी के बाड़े से मिट्टी के नीचे दबा हालत में बरामद हुआ है। इस घटना में अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक जालौन ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
फोटो परिचय- इसी बाड़े में दफनाया गया था कमल का शव
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 प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुमशुदा कमल प्रताप सिंह उर्फ कुक्के पुत्र श्री परमाल सिंह 27 मार्च 2026 से लापता था। उसी दिन उसकी गुमशुदगी को लेकर कोतवाली माधौगढ़ में मुकदमा संख्या 29/2026, धारा 137(2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पंजीकृत किया गया था।
 परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने गुमशुदा की बरामदगी के लिए कोई ठोस और सार्थक प्रयास नहीं किया। इस लापरवाही का खामियाजा बाद में सामने आया जब 8 अप्रैल 2026 को गुमशुदा कमल प्रताप सिंह का शव आरोपी रोहित याज्ञिक के बाड़े में मिट्टी के नीचे दबा हुआ मिला। शव की खोज के बाद पूरे मामले में पुलिस की नाकामी साफ हो गई।
इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक जालौन ने कोतवाली माधौगढ़ में तैनात प्रभारी निरीक्षक विकेश बाबू, उपनिरीक्षक रामऔतार तथा मुख्य आरक्षी सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। 

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