राकेश प्रजापति
जालौन। सेठ वीरेंद्र कुमार महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने पेंटिंग बनाकरमहिलाओं की भागीदारी, समान अधिकार और सशक्तिकरण से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित नारी शक्ति वंदन प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी पेंटिंग के जरिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं को उकेरा, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण, निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी और महिलाओं के सशक्तिकरण के महत्व को दर्शाया गया। रंगों और रचनात्मकता के माध्यम से छात्राओं ने सामाजिक समानता और महिला सम्मान का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. नितिन मित्तल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे महिलाओं को राजनीति और नीति निर्धारण में उचित स्थान मिलेगा, जिससे समाज में संतुलित और समावेशी विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल उनकी प्रतिभा को निखारती हैं, बल्कि सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक भी बनाती हैं। इस मौके पर श्वेता मिश्रा, ईशा पटेल, विनीता मिश्रा, रिया गुप्ता, निशा आदि मौजूद रहीं।
फोटो परिचय- चित्रकला पोस्टर दिखाती छात्राएं।
जालौन। सेठ वीरेंद्र कुमार महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने पेंटिंग बनाकरमहिलाओं की भागीदारी, समान अधिकार और सशक्तिकरण से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित नारी शक्ति वंदन प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी पेंटिंग के जरिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं को उकेरा, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण, निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी और महिलाओं के सशक्तिकरण के महत्व को दर्शाया गया। रंगों और रचनात्मकता के माध्यम से छात्राओं ने सामाजिक समानता और महिला सम्मान का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. नितिन मित्तल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे महिलाओं को राजनीति और नीति निर्धारण में उचित स्थान मिलेगा, जिससे समाज में संतुलित और समावेशी विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल उनकी प्रतिभा को निखारती हैं, बल्कि सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक भी बनाती हैं। इस मौके पर श्वेता मिश्रा, ईशा पटेल, विनीता मिश्रा, रिया गुप्ता, निशा आदि मौजूद रहीं।
फोटो परिचय- चित्रकला पोस्टर दिखाती छात्राएं।
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