-उलेमाओं ने दी सच्चाई, नेकी और इंसानियत के रास्ते पर चलने की सीख
कैफ रजा
कालपी(जालौन)। नगर में खानकाह कादरिया शमसिया कर्बला परिसर में हजरत मौलाना मीर सैयद शमसुद्दीन कादरी अल-गिलानी की याद में 417वां सालाना उर्स मुबारक बड़े ही अकीदत और उल्लास के साथ मनाया गया। उर्स के मौके पर आयोजित महफिल में दूर-दराज से आए उलेमाओं ने दीन की अहमियत और नेक रास्ते पर चलने का पैगाम दिया।
कालपी(जालौन)। नगर में खानकाह कादरिया शमसिया कर्बला परिसर में हजरत मौलाना मीर सैयद शमसुद्दीन कादरी अल-गिलानी की याद में 417वां सालाना उर्स मुबारक बड़े ही अकीदत और उल्लास के साथ मनाया गया। उर्स के मौके पर आयोजित महफिल में दूर-दराज से आए उलेमाओं ने दीन की अहमियत और नेक रास्ते पर चलने का पैगाम दिया।
कार्यक्रम की सरपरस्ती मीर सैयद अफताबुल हसन कादरी अल-गिलानी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मौलाना अमीनुल कादरी (मालेगांव) ने अपने बयान में कहा कि इंसान को हमेशा सच्चाई, ईमानदारी और भलाई के रास्ते को अपनाना चाहिए, यही असल दीन की तालीम है।
महफिल में मौलाना वजीउद्दीन रिजवी (खीरी), मौलाना सैयद शादाब जाफरी (कड़ा), सैयद सोहेल मियां (देवा शरीफ) सहित अन्य उलेमाओं ने तकरीर करते हुए बुजुर्गाने दीन की जिंदगी पर रोशनी डाली। उन्होंने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती समेत बड़े वलियों की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए लोगों से उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की।
उर्स के दौरान सामूहिक फातिहा में देश और कौम की खुशहाली, अमन-चौन और तरक्की के लिए दुआएं मांगी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
समापन पर आयोजित लंगर में सभी ने शिरकत कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर हाफिज इरशाद अशरफी, मौलाना तारिक बरकती, फहीम ठेकेदार, परवेज आलम कुरैशी एडवोकेट सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो परिचय- उर्स की महफिल में मौजूद उलेमा व अकीदतमंद
Post a Comment