- सांसद नारायण दास अहिरवार को ज्ञापन सौंपा राष्ट्रीय संयोजक ने
उरई(जालौन)। जनपद जालौन की पावन धरा पर वीरांगना झलकारी बाई के नाम से केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इस संबंध में वीरांगना झलकारी बाई विश्वविद्यालय आन्दोलन के राष्ट्रीय संयोजक अनिल कुमार वर्मा (सिन्दूर) ने जालौन संसदीय क्षेत्र के सांसद नारायण दास अहिरवार जी को एक ज्ञापन पत्र भेजा है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर नायिका झलकारी बाई ने झांसी की रानी का भेष धारण कर अंग्रेजों से लोहा लिया था और वीरगति को प्राप्त हुई थीं। वे केवल एक समुदाय ही नहीं, बल्कि समस्त बहुजन समाज की प्रेरणास्रोत हैं। आन्दोलनकारियों का कहना है कि बुन्देलखण्ड के सबसे पिछड़े इस क्षेत्र में आज तक कोई विश्वविद्यालय नहीं है, जिससे यहाँ के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए भटकना पड़ता है।
संयोजक श्री वर्मा ने सांसद से आग्रह किया है कि वे इस जनहित की मांग को संसद के पटल पर रखें और झलकारी बाई जैसी वीरांगना के नाम से केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित कराने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएँ। इस अवसर पर संस्था के प्रबंधक डालचंद वर्मा सहित कई समर्थकों ने इस मांग के प्रति समर्थन व्यक्त किया है।
फोटो परिचय- सांसद नारायण दास अहिरवार को ज्ञापन अनिल वर्मा
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