कायस्थ समाज द्वारा चित्रगुप्त महाराज की महाआरती व लेखनी पूजन का भव्य आयोजन


कालपी (जालौन)। नगर के लंका मीनार प्रांगण स्थित श्री चित्रगुप्त मंदिर में कायस्थ एकता विचार मंच के तत्वावधान में भगवान श्री चित्रगुप्त महाराज की महाआरती एवं लेखनी पूजन का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर के बड़ी संख्या में चित्रांश बंधु उपस्थित रहे और सभी ने एकत्र होकर अपने आराध्य देव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान चित्रगुप्त महाराज के चित्र एवं प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद सामूहिक रूप से महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आरती के पश्चात पारंपरिक रूप से लेखनी पूजन किया गया। इस दौरान कलम, दवात, कॉपी और अन्य लेखन सामग्री भगवान के समक्ष रखकर विधिवत पूजन किया गया।
संगठन के संरक्षक जय किशोर कुलश्रेष्ठ एडवोकेट और धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज हमेशा से शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है। उन्होंने बताया कि समाज की एकता और विकास के लिए मंच लगातार प्रयास करेगा। साथ ही जल्द ही कालपी नगर में कायस्थ एकता मंच की कार्यकारिणी का गठन भी किया जाएगा, जिससे संगठन को मजबूत किया जा सके और समाज से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। पूजा-अर्चना और महाआरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।इस अवसर पर नगर के अनेक गणमान्य चित्रांश बंधु उपस्थित रहे, जिनमें डा. विवेक निगम, लखन कुलश्रेष्ठ, रविंद्र कुमार श्रीवास्तव एडवोकेट, महेंद्र कुमार निगम, रितिक श्रीवास्तव, अजय निगम, श्याम नारायण निगम, दीपक, श्रवण कुमार निगम, मनोज, सुनील, संदीप, शिवम, मृत्युंजय निगम, हर्षित, आलोक कुलश्रेष्ठ, अभिषेक, रौनक, हरिशंकर कुलश्रेष्ठ, कन्नू, प्रदीप कुमार, अमित, माया देवी, मीना देवी, कोमल, संध्या, अंशिका निगम आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सभी ने मिलकर भगवान चित्रगुप्त महाराज से समाज की उन्नति, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार समाज को संगठित कर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा।
फोटो परिचय- भगवान चित्रगुप्त महाराज की महाआरती करते लोग

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