सोशल मीडिया पर आत्महत्या की घोषणा करने वाला युवक इटावा के होटल में सकुशल मिला


--दहेज मुकदमे के तनाव में उठाया कदम, परिजनों ने समझाकर घर लाया वापस
(राकेश कुमार/ नितेश कुमार) 
 जालौन। थाना रामपुरा क्षेत्र के ग्राम भिटौरा निवासी राघवेंद्र सिंह उर्फ सुनील (उम्र लगभग 30 वर्ष) द्वारा सोशल मीडिया पर आत्महत्या की बात लिखकर लापता होने का मामला सामने आया, जिससे परिवार और गांव में हड़कंप मच गया। हालांकि देर रात युवक इटावा के एक होटल में सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राघवेंद्र सिंह पुत्र विनोद सिंह सेंगर ने सोमवार शाम बकेवर (इटावा) स्थित 50 शैया अस्पताल परिसर में अपनी बाइक खड़ी की। हेलमेट टांगकर उसने वहीं फोटो खींची और दो पेज का सुसाइड नोट तथा रोते हुए एक वीडियो बनाकर अपने व्हाट्सएप स्टेटस और फेसबुक अकाउंट पर अपलोड कर दिया। स्टेटस में उसने अपनी वैवाहिक जिंदगी से जुड़ी परेशानियों और मानसिक तनाव का जिक्र किया था।
सोशल मीडिया पर स्टेटस देखते ही गांव के अर्जुन सहित अन्य स्वजन तत्काल अस्पताल परिसर पहुंचे। युवक के ताऊ मनोज कुमार सिंह प्रधान निवासी भिटौरा ने भी मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। अस्पताल में बाइक खड़ी मिलने से आशंका और गहरा गई। सूचना पर पहुंची बकेवर थाना पुलिस ने बाइक को कब्जे में लेकर युवक की तलाश शुरू कर दी। थानाध्यक्ष विपिन मलिक देर रात तक खोजबीन में जुटे रहे, लेकिन सोमवार रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
परिजनों के अनुसार राघवेंद्र की शादी 18 फरवरी 2025 को नवादा (थाना लवेदी, इटावा) निवासी आराधना से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही पत्नी मायके चली गई और सावन माह के बाद राघवेंद्र के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। परिजनों का कहना है कि मुकदमे के कारण वह मानसिक तनाव में था और इसी तनाव में उसने यह कदम उठाया।
इसी बीच जानकारी मिली कि सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने के बाद राघवेंद्र इटावा चला गया था। परिजनों ने उसे इटावा के एक होटल में सकुशल खोज लिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद उसे अपने साथ ग्राम भिटौरा वापस ले आए।
घटना से परिवार में दहशत का माहौल रहा, लेकिन युवक के सुरक्षित मिलने से सभी ने राहत की सांस ली। पुलिस मामले की जानकारी में है और आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

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