कुठौंद(जालौन)। जालौन जनपद के विकासखंड कुठौन्द में किसान आज गंभीर सिंचाई के संकट से जूझ रहा है। बेतवा नहर प्रखंड द्वितीय से निकली हरसिंगपुर रजवाहा से जुड़ी एकों माइनर, भोजापुर माइनर व अन्य माइनरों में पानी न आने से दर्जनों गांवों की गेहूं की फसलें सूखने की कगार पर हैं।
क्षेत्र के अधिकतर किसान छोटी जोत वाले हैं। खरीफ में यहां बाजरा और कुम्हड़ा की खेती होती है, लेकिन समय पर पलेवा न होने से रबी की गेहूं की बुवाई देर से हुई। हालत यह है कि अब तक किसान सिर्फ एक ही सिंचाई कर पाए हैं और बढ़ते तापमान में खेतों में खड़ी फसलें मुरझा रही हैं। दूसरी ओर कुठौन्द पावर हाउस से बिजली आपूर्ति भी बदहाल है। किसानों को मुश्किल से 1-2 घंटे बिजली मिलती है और उसमें भी बार-बार लाइन ट्रिप कर दी जाती है। ऐसे में किसान अपने निजी साधनों से भी सिंचाई नहीं कर पा रहा।किसानों का कहना है कि जब वे अपनी समस्या अधिकारियों तक पहुंचाते हैं तो सुनवाई नहीं होती। किसान पूछ रहा है। क्या हमारी मेहनत सिर्फ देश का पेट भरने के लिए है, और हमारी फसल सूखती रहे?
किसानों ने मांग की है कि हरसिंगपुर रजवाहा से सभी माइनरों में फुल गेज से पानी छोड़ा जाए। टेल तक पानी पहुंचाने के लिए नियमित पेट्रोलिंग कराई जाए।किसानों को कम से कम 18-20 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो कुठौन्द क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की मेहनत और फसल दोनों बर्बाद हो रही हैं।
फोटो परिचय- पानी के अभाव में सूखती गेहूं की फसल
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