जालौन।शेखपुर: सिमरा क्षेत्र की वालू खदान में खुलेआम अवैध खनन और परिवहन जारी है। गंभीर आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की शह पर ठेकेदार नदी की जलधारा से प्रतिबंधित मशीनों से बालू निकाल रहा है और रात के अंधेरे में ओवरलोडिंग कर परिवहन कर रहा है।
अधिकारी से निकटता का लाभ उठा रहा खदान संचालक
जिम्मेदार अधिकारी के निकट संपर्क का लाभ उठा रहा है। आरोप है कि पिछले एक महीने में इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जो प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
गाँव वालों पर पहरा, सबूत छुपाने की कोशिश
जागरूक नागरिकों द्वारा सबूत जुटाए जाने की आशंका से खदान ठेकेदार ने सख्त पहरा बैठा दिया है। ग्रामीणों को भी अपने खेतों तक जाने से रोका जा रहा है। आरोप है कि ठेकेदार के गुर्गे और कुछ खाकी वर्दीधारी व्यक्ति सभी रास्तों पर निगरानी कर रहे हैं।
तहसील मुख्यालय और गैर-जनपद निकटता का फायदा
सूत्र बताते हैं कि तहसील मुख्यालय और गैर-जनपद (असुरक्षित जिला) की सीमा से सटे होने का फायदा उठाकर यह दबंग खनन माफिया बेखौफ अपना कारोबार चला रहा है। ऐसा लगता है कि अधिकारियों ने जानबूझकर इस मामले पर आँखें मूंद ली हैं।
प्रशासन चुप, जनता में रोष
अवैध खनन से नदी का जलस्तर और पर्यावरण प्रभावित हो रहा है, सड़कें खराब हो रही हैं, लेकिन प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नहीं संभला गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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