महाशिवरात्रि पर बम-बम भोले के जयकारों से गूंजा माधोगढ़ क्षेत्र


--कांवड़ियों के लिए  क्षेत्र में जगह-जगह लगाए गए स्वल्पाहार स्टाल
माधौगढ(जालौन)।  माधोगढ़ तहसील क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पंचनद तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। चारों दिशाओं में “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। दूर-दूर से आए कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने इस ऐतिहासिक संगम क्षेत्र को आस्था के विराट उत्सव में बदल दिया।

देश में एक ही स्थान पर पांच सदानीरा नदियों यमुना, चंबल, सिंध, क्वांरी और पहूज के पवित्र संगम के कारण पंचनद तीर्थ का विशेष महत्व है। विभिन्न पुराणों में वर्णित यह क्षेत्र जालौन, इटावा, औरैया और भिंड जनपदों की सीमाओं से जुड़ा हुआ है तथा प्राचीन काल से साधु-संतों की तपोभूमि रहा है। जालौन की पंचनद तट पर स्थित सिद्ध संत श्री मुकुंद वन बाबा साहब महाराज की तपोस्थली एवं इटावा सीमा में स्थित प्राचीन कालेश्वर महादेव मंदिर तथा भारी स्वर महादेव के विशाल शिवालय में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। सामान्य दिनों में भी यहां श्रद्धालुओं का आगमन होता है, किंतु शिवरात्रि जैसे विशेष पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों की संख्या में कांवड़ियों और भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।विशेष रूप से अनेक कांवड़ियों ने पंचनद का पवित्र जल भरकर जनपद जालौन के सरावन स्थित प्रसिद्ध भूरेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचकर जलाभिषेक किया। शनिवार रात्रि से लेकर रविवार देर शाम तक कांवड़ियों के पैरों में बंधे घुंघरुओं की रुनझुन और “बम भोले” के गगनभेदी उद्घोष से समूचा क्षेत्र गुंजायमान रहा। इस अवसर पर कालेश्वर मंदिर, श्री बाबा साहब मंदिर पंचनद, जगम्मनपुर, रामपुरा, माधौगढ़ सहित आसपास के गांवों में समाजसेवियों और श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह स्वल्पाहार स्टाल लगाए गए। कांवड़ियों को व्रत के अनुरूप पवित्र मिठाई, दूध, फल, मेवा और चाय आदि श्रद्धापूर्वक वितरित की गई। सेवा भाव से ओतप्रोत ग्रामीणों ने कांवड़ियों का स्वागत कर धर्म और मानवता की सुंदर मिसाल प्रस्तुत की। जालौन के रामपुरा थाना पुलिस एवं इटावा के बिठौली थाना पुलिस ने अपनी अपनी सीमाओं में नदी तट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं व कांवड़ियों की सुरक्षा का समुचित प्रबंध किया। महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर पंचनद क्षेत्र में आस्था, भक्ति और सेवा का जो संगम दिखाई दिया, वह क्षेत्र की धार्मिक महत्ता और सामाजिक एकता का जीवंत प्रमाण है। “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ श्रद्धालु अगले वर्ष पुनः आने का संकल्प लेकर लौटते नजर आए।
फोटो परिचय-मंदिर में पूजा अर्चना करते जाते श्रद्धालु 

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