-- 92 हजार सात सौ 80 रुपये की कोर्ट ने दिए रिकवरी के आदेश
उरई(जालौन)। वर्ष 2006 में सड़क चौडी करण का कार्य कराने में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर शासन की टी एस टी टीम ने जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को दी थी! जिसके बाद अधिशासी अभियंता पर कोर्ट में वाद दायर किया गया था! 18 साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सेवा निवृत्त अधिशासी अभियंता से 92 हजार सात सो 80 रुपये की रिकवरी करने के आदेश दिए हैं!
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डीजीसी सिविल श्याम नारायण दीक्षित व विकास श्रीवास्तव ने बताया कि लोक निर्माण खंड तीन के अधिशासी अभियंता नरेंद्र प्रकाश उरई में एक अप्रैल 2006 से 31 जुलाई 2010 तक अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात थे! उनके कार्य काल के दौरान हमीरपुर कालपी मार्ग में सी आर एफ योजना के अंतर्गत सड़क चोड़ी करण का कार्य कराया गया था! गुणवत्ता संबधी शिकायत मिलने पर प्रदेश शासन लोक निर्माण के उप सचिव ने उक्त कार्य की जांच के आदेश टी एस टी टीम को सौंपी थी! टीम ने 30 अगस्त 2008 को अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी! जिसके बाद कोर्ट में तत्कालीन अधिशाषी अभियंता नरेंद्र प्रकाश के खिलाफ वाद दायर किया था! सेवा निवृत्त होने के बाद वह कोर्ट में भी नहीं आ रहे थे! सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रत्यूष प्रकाश ने नरेंद्र प्रकाश को साठ दिन के अंदर 92 हजार सात सौ 80 रुपये देने के आदेश दिये ।
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