उरई(जालौन)। हिन्दू पादशाही के ध्वजा वाहक, अप्रतिम योद्धा एवं आदर्श शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती गुरुवार को नगर के जालौन रोड स्थित शिवाजी चौक पर बड़े हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई। छत्रपति शिवाजी महाराज जन जागरण समिति के तत्वावधान में आयोजित इस सभा में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर गहराई से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मुगलों की सामंतवादी व्यवस्था को चुनौती देते हुए छत्रपति शिवाजी ने जिस शौर्य का परिचय दिया, उसने तत्कालीन पद दलित भारत के स्वाभिमान को न केवल पुनर्जीवित किया बल्कि उसे एक नई दिशा भी प्रदान की। उनका साहस और पराक्रम आज भी हर भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत है। समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि चौधरी जयकरन सिंह खरुसा ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की शासन नीतियां आज के परिप्रेक्ष्य में भी अत्यंत प्रासंगिक और अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपनी राज व्यवस्था में किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण को सर्वाेपरि स्थान दिया तथा समाज में सद्भाव और भाईचारे को हमेशा प्रमुखता दी। विशिष्ट अतिथि सम्भाजी राव मराठा (तारखे) एडवोकेट ने शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े उल्लेखनीय प्रसंगों का जिक्र करते हुए उनके सिद्धांतों और युद्ध कौशल पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में महाराज द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. वीरेन्द्र सिंह पहाड़पुरा ने की, जबकि मंच का संचालन रामशंकर छानी ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर 90 वर्ष से अधिक आयु के विशाल सिंह निरंजन पूर्व प्रधानाचार्य एवं कृष्णपाल सिंह गढर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को चौधरी लक्षमण सिंह अवध किशोर, चतुर सिंह, बब्बू राजा, महेन्द्र सिंह, रविकांत, जितेन्द्र, राघवेन्द्र निरंजन, मनोहर, शैलेन्द्र निरंजन, संजीव सिकरी ने भी संबोधित किया। संचालन रामशंकर निरंजन ने किया अंत में डा. विमलेश निरंजन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
फोटो परिचय-छत्रपति महाराज के चित्र पर मार्ल्यापण करते समिति के लोग
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