उरई (जालौन)। जनपद में संचालित सीबीएसई बोर्ड परीक्षायें 17 फरवरी से शुरू हो गयी जो 9 अप्रैल तक एक पॉली में चलेगी। इसके लिये जिले में 6 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र भी बनाया गया है। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि सीबीएसई बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों की परीक्षा यूपी बोर्ड जैसी नहीं होती। यहां परीक्षा में न तो उड़ाका दल गठित होते हैं और न ही प्रशासनिक स्तर पर कोई निगरानी की जाती हैं यही कारण है कि जो विद्यालय परीक्षा केंद्र बनते हैं वहां पर चीटिंग का फंडा भरपूर मात्रा में विद्यालय संचालक उठाते है ताकि उनके विद्यालय का परीक्षाफल सबसे अच्छे रहे और उनके विद्यालय में ही अभिभावक अपने पाल्यों का प्रवेश करायें।
उल्लेखनीय हो कि जनपद में सीबीएसई बोर्ड परीक्षायें 17 फरवरी से आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों में शुरू हो गयी है। कहने के लिये परीक्षार्थियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्र में सघन तलाशी के बाद प्रवेश मिलता फिर सभी केंद्रों पर परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिला कोआर्डिनेटर राठ से परीक्षा की निगरानी के लिए जिले में भ्रमण करने की बात भी कही जा रही है। लेकिन यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है कि एक व्यक्ति आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों की निगरानी करने के लिये सक्षम हो सकेगा। या फिर यह एक महज खानापूर्ति के लिये प्रयोग किया जाता है। परीक्षा एक पाली में सुबह 10 से 1.30 बजे तक 17 फरवरी से नौ अप्रैल तक परीक्षा होगी। जिले भरं में कुल 5,922 परीक्षार्थी, परीक्षा में सहभागिता करेंगे। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं सकुशल संपन्न कराने के लिये परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों के साथ केंद्र निरीक्षकों की ड्यूटी पहले ही निर्धारित कर दी गयी थी। वैसे तो जनपद में 21 सीबीएसई बोर्ड के विद्यालय संचालित हो रहे हैं, लेकिन सिर्फ छह केंद्रों पर ही परीक्षा कराई जा रही है। परीक्षा केंद्र बनाये गये विद्यालयों में एसआर बालिका इंटर कालेज, विनायक एकेडमी, महर्षि विद्या मंदिर, कन्हैया लाल जालौन, मार्निंग स्टार चिल्ड्रेन एकेडमी व जवाहर नवोदय विद्यालय शामिल है। जहां पर 5,922 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सभी केंद्रों के बाहर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रत्येक परीक्षार्थी को सघन तलाश के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा पेन, एडमिट कार्ड के अलावा कोई भी इलेक्ट्रानिक डिवाइस व कागजात ले जाने की इजाजत नहीं रहेगी। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में उतना तामझाम कभी नजर नहीं आया जैसा कि यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान देखने को मिलता है। यही कारण है कि सीबीएसई बोर्ड से संचालित विद्यालय अपने विद्यालयों का रजिल्ट अच्छा बनाये रखने के लिये परीक्षा केंद्रों में चीटिंग कराने का फंडा अपनाते हैं। फिलहाल हो कुछ भी जिस तरह से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षायें शुरू हुई उस पर उंगली उठना तो स्वाभाविक हो जाता है।
उल्लेखनीय हो कि जनपद में सीबीएसई बोर्ड परीक्षायें 17 फरवरी से आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों में शुरू हो गयी है। कहने के लिये परीक्षार्थियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्र में सघन तलाशी के बाद प्रवेश मिलता फिर सभी केंद्रों पर परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिला कोआर्डिनेटर राठ से परीक्षा की निगरानी के लिए जिले में भ्रमण करने की बात भी कही जा रही है। लेकिन यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है कि एक व्यक्ति आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों की निगरानी करने के लिये सक्षम हो सकेगा। या फिर यह एक महज खानापूर्ति के लिये प्रयोग किया जाता है। परीक्षा एक पाली में सुबह 10 से 1.30 बजे तक 17 फरवरी से नौ अप्रैल तक परीक्षा होगी। जिले भरं में कुल 5,922 परीक्षार्थी, परीक्षा में सहभागिता करेंगे। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं सकुशल संपन्न कराने के लिये परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों के साथ केंद्र निरीक्षकों की ड्यूटी पहले ही निर्धारित कर दी गयी थी। वैसे तो जनपद में 21 सीबीएसई बोर्ड के विद्यालय संचालित हो रहे हैं, लेकिन सिर्फ छह केंद्रों पर ही परीक्षा कराई जा रही है। परीक्षा केंद्र बनाये गये विद्यालयों में एसआर बालिका इंटर कालेज, विनायक एकेडमी, महर्षि विद्या मंदिर, कन्हैया लाल जालौन, मार्निंग स्टार चिल्ड्रेन एकेडमी व जवाहर नवोदय विद्यालय शामिल है। जहां पर 5,922 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सभी केंद्रों के बाहर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रत्येक परीक्षार्थी को सघन तलाश के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा पेन, एडमिट कार्ड के अलावा कोई भी इलेक्ट्रानिक डिवाइस व कागजात ले जाने की इजाजत नहीं रहेगी। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में उतना तामझाम कभी नजर नहीं आया जैसा कि यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान देखने को मिलता है। यही कारण है कि सीबीएसई बोर्ड से संचालित विद्यालय अपने विद्यालयों का रजिल्ट अच्छा बनाये रखने के लिये परीक्षा केंद्रों में चीटिंग कराने का फंडा अपनाते हैं। फिलहाल हो कुछ भी जिस तरह से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षायें शुरू हुई उस पर उंगली उठना तो स्वाभाविक हो जाता है।
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