रामपुरा(जालौन)। रामपुरा थाना पुलिस एवं साइबर टीम की सतत और प्रभावी कार्यवाही के परिणामस्वरूप दो माह पूर्व साइबर ठगी का शिकार हुए एक ग्रामीण के 50 हजार रुपये उसके बैंक खाते में वापस करा दिए गए। पुलिस की इस सफलता से जहां पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है,।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम मई निवासी जंगबहादुर सिंह पुत्र स्वर्गीय हरगोविंद सिंह राजावत के बैंक खाते से लगभग दो माह पूर्व अज्ञात साइबर ठगों द्वारा 50 हजार रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल रामपुरा थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। अचानक खाते से इतनी बड़ी धनराशि निकल जाने से जंगबहादुर सिंह एवं उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी माधौगढ़ अंबुज यादव के कुशल पर्यवेक्षण में रामपुरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम का गठन कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। साइबर प्रभारी उप निरीक्षक सोनू कुमार, कांस्टेबल राजेश कनौजिया, कांस्टेबल रजनीश कुमार एवं कांस्टेबल मिथिलेश कुमार द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार जांच की गई। संबंधित बैंक और साइबर सेल के माध्यम से लेनदेन का विवरण खंगाला गया तथा धनराशि के ट्रांजेक्शन को ट्रैक किया गया।
लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के फलस्वरूप पुलिस टीम ने ठगी गई 50 हजार रुपये की धनराशि को रिकवर कर पीड़ित के खाते में वापस करा दिया। रुपये वापस मिलने की सूचना मिलते ही जंगबहादुर सिंह ने राहत व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने पैसे वापस मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता और तत्परता से उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित वापस मिल सकी।
जंगबहादुर सिंह ने पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी एवं रामपुरा थाना पुलिस सहित साइबर टीम के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पुलिस में शिकायत दर्ज न कराई जाती तो संभवतः धनराशि की वापसी संभव नहीं हो पाती।पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल, लिंक या बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से पूर्व सतर्क रहें। अनजान व्यक्तियों को ओटीपी, बैंक डिटेल या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। साइबर ठगी की घटना होने पर तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
फोटो परिचय- पुलिस टीम के साथ पीड़ित
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