पुलिस की तत्परता से पीड़ित के खाते में वापस साइबर ठगी के 50 हजार रुपये

(नितेश कुमार)
रामपुरा(जालौन)। रामपुरा थाना पुलिस एवं साइबर टीम की सतत और प्रभावी कार्रवाई के चलते दो माह पूर्व साइबर ठगी का शिकार हुए एक ग्रामीण के 50 हजार रुपये उसके बैंक खाते में वापस करा दिए गए। इस सफलता से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की सराहना हो रही है।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम मई निवासी जंगबहादुर सिंह पुत्र स्वर्गीय हरगोविंद सिंह राजावत के बैंक खाते से अज्ञात साइबर ठगों ने लगभग दो माह पूर्व 50 हजार रुपये की धनराशि निकाल ली थी। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। अचानक इतनी बड़ी रकम निकल जाने से परिवार आर्थिक संकट में आ गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी माधौगढ़ अंबुज यादव के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम गठित की गई। साइबर प्रभारी उप निरीक्षक सोनू कुमार सहित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की। संबंधित बैंक और साइबर सेल से समन्वय कर लेनदेन का विवरण खंगाला गया और ट्रांजेक्शन को ट्रैक किया गया। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के फलस्वरूप पुलिस टीम ने ठगी गई पूरी 50 हजार रुपये की धनराशि रिकवर कर पीड़ित के खाते में वापस करा दी। रुपये वापस मिलने पर जंगबहादुर सिंह ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी, लेकिन पुलिस की तत्परता से उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित वापस मिल सकी। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना पुलिस एवं साइबर टीम के सभी सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि समय रहते शिकायत दर्ज कराना ही धनराशि की वापसी का प्रमुख कारण बना। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश से सतर्क रहें। अनजान व्यक्तियों को ओटीपी, बैंक डिटेल या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की घटना होने पर तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। रामपुरा पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ी है और कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।

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