जालौन। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा माले ने प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों के खिलाफ 23 फरवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित 'जन अधिकार मार्च' में शामिल होने का आह्वान किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को उरई शहर के बाजारों में जनसंपर्क कर इस मार्च को सफल बनाने की अपील की।
इस दौरान पार्टी नेताओं ने दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं, रेहड़ी-पटरी वालों, मजदूरों और गरीब तबके के लोगों से संवाद किया। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र पर खतरा, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, मनरेगा में मजदूरी का भुगतान न होना, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, दलितों की हत्याएं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एक्टू) के राष्ट्रीय पार्षद कॉमरेड राम सिंह चौधरी ने कहा कि वर्तमान सरकार बुलडोजर के दम पर संविधान, कानून और गंगा-जमुनी तहजीब को खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कॉरपोरेट परस्त और सांप्रदायिक नीतियों ने प्रदेश में अराजकता फैला दी है। उन्होंने जनता से इस दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने और लखनऊ मार्च में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया।
इस दौरान कॉमरेड चौधरी ने कहा, "यह सरकार नफरत फैलाकर देश के इतिहास, भूगोल और सामाजिक सद्भाव को नष्ट करना चाहती है। जल, जंगल, जमीन की लूट और मजदूरों, किसानों के अधिकारों पर हमला हो रहा है। यह जन अधिकार मार्च इन्हीं नीतियों के खिलाफ जनता के गुस्से का इजहार है।"
इस जनसंपर्क अभियान में भाकपा माले जिला सचिव कॉमरेड राजीव कुशवाहा, झांसी जिला प्रभारी कॉमरेड कृष्ण पाल सिंह गुर्जर, जिला उपाध्यक्ष कॉमरेड लखन राज, शिल्पकार यूनियन के सुरेश मिस्त्री, कॉमरेड जितेंद्र, कॉमरेड रमेश वर्मा, कॉमरेड मलखान सिंह समेत कई पदाधिकारी शामिल रहे। नेताओं ने आम जनता से अपील की कि वे 23 फरवरी को लखनऊ पहुंचकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएं और संविधान बचाने की मुहिम को मजबूती दें।
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