कलश शोभायात्रा के साथ सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ


 (रामकुमार शर्मा)
मथुरा। गोवर्धन मथुरा रोड़ स्थित गिरिराज धाम आश्रम में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ प्रारम्भ हुआ। इससे पूर्व लौठेश्वर महादेव मंदिर पर परीक्षित बने गिरिराज दंडौतिया ने सपत्नीक पूजा कर कथा स्थल तक गाजे-बाजे के मध्य श्रीमद्भागवतजी की भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई जिसमें महिलाएं पीत वस्त्र पहने सिर पर मंगल कलश धारण किए निकलीं। इसके अलावा भक्त-श्रृद्धालु श्रीहरिनाम संकीर्तन करते हुए शोभायात्रा में साथ रहे।
  श्रीमद्भागवत महोत्सव में प्रथम दिन व्यास पीठ से आचार्य पं श्री हरेकृष्ण शास्त्री जी महाराज ने कहा कि कलयुग में जीव के कल्याण के लिए यदि सबसे सरल उपाय कोई है, तो वो श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा है। इस ग्रंथ का श्रवण करने से धुंधकारी जैसा महापापी भी प्रेत योनि से मुक्त हो गया था, इसीलिए इस ग्रंथ को मुक्ति पंथ कहा गया है। श्रीमद्भागवत मानवीय जीवन के बहुमूल्य सूत्रों और सिद्धांतों की संहिता है। इस ग्रंथ के श्रवण करने से जीवन तो जीवन, मृत्यु भी सुख मय बन जाती है।साथ ही इसमें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र के सूत्र और सिद्धांत तथा समाधान निहित हैं। इस अवसर पर ठा अमर सिंह डंडौतिया, कमलेश डंडौतिया (पहलवान), गिरिराज डंडौतिया, भूरी देवी, राजेन्द्र डंडौतिया, महंत प्रेमदास महाराज, जगदीश गोकुलिया, आकाश डंडौतिया, विकास डंडौतिया,  रमन, जय कुमार, मुन्ना सहित तमाम लोगों ने श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का अमृत पान किया।

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