(नारायण तिवारी)
कुठौंद (जालौन)। जनपद जालौन के कुठौंद ब्लॉक क्षेत्र सहित कई इलाकों में आज अचानक मौसम ने करवट ली। तेज बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे किसानों की कमर टूट गई।
किन गांवों में सबसे ज्यादा नुकसान?
ब्लॉक कुठौंद की ग्राम पंचायत पंडितपुर, नवासी गांव, बरियापुर, मदारीपुर, एको सहित आसपास के गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। रिपोर्टर द्वारा स्वयं मौके पर जाकर देखे जाने पर यह पता चला कि खेतों में खड़ी गेहूं, चना व अन्य फसलें पूरी तरह गिर चुकी हैं। चारों तरफ सिर्फ बर्बादी का मंजर दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों ने सुनाई दर्द भरी दास्तां
ग्राम निवासियों ने बताया कि ओलों की मार इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी फसल चौपट हो गई। किसानों के सामने अब आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एक किसान ने बताया, “जिस फसल को उगाने में पूरे साल का पसीना बहाया था, वह पल भर में तबाह हो गई। अब परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा?”
प्रशासन से मुआवजे की मांग तेज
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल पूरे जिले में नुकसान की जांच कराने और सभी को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है। गांवों में “किसान जीतेगा, अन्याय हारेगा” के नारे गूंजने लगे हैं। अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि इस आपदा पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है और किसानों को राहत कब मिलती है।
जिला प्रशासन को सूचना
अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार नुकसान का आकलन जल्द शुरू किया जाएगा। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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