टॉपर बनने के चक्कर में बेनकाब, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के खिलाफ धांधली के गंभीर आरोप


0 छात्र वेदांत के प्राप्तांको में कूट रचना कर गुमराह किया अभिभावकों को  
0 समाचार पत्रों व सोशल मीडिया में  जालौन जिले में खुद को नंबर वन बताने की खुली पोल 
0 कॉपी किताबों के नाम पर भी मनमाने ढंग से अभिभावकों की जेब पर डाका 
 (सुरेश खरकया)
उरई (जालौन)। जनपद जालौन में शिक्षा के नाम पर हो रहे अभिभावकों के शोषण का एक और मामला सामने आया है, इस बार दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के कर्ताधर्ताओं की करतूत बेनकाब हुई है। स्कूल प्रबंधन पर सीबीएसई बोर्ड के परीक्षा परिणाम में कूटरचना कर अभिभावकों को गुमराह करने और खुद को जिले का नंबर-वन स्कूल बताने का आरोप लगा है।

खास बात यह है कि स्कूल ने अपने छात्र वेदांत के अंकों में मनमानी घालमेल की। जहां छात्र के वास्तविक अंकपत्र में मुख्य विषयों को जोड़ने पर 97.6 प्रतिशत या 97.8 प्रतिशत बन रहे हैं, वहीं स्कूल प्रबंधन ने अंक तालिका में गड़बड़ी कर उसे बढ़ा-चढ़ाकर जिला टॉपर घोषित कर दिया। इसी तरह स्कूल को लगातार 4 वर्षों से टॉपर बताकर समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर विज्ञापन के जरिए लोगों को गुमराह करने का षड्यंत्र रचा गया। वहीं, कॉपी-किताबों के नाम पर भी स्कूल प्रबंधन की मनमानी जारी है। अभिभावकों को सस्ते में उपलब्ध होने वाली एनसीईआरटी की किताबों की बजाय स्कूल द्वारा जबरन अपनी किताबें थोपी जा रही हैं। स्कूल प्रबंधन से जुड़े सारबिल ने साफ कहा, ष्हमारा फाउंडेशन जो कॉपी-किताबें उपलब्ध कराएगा, वही लेनी पड़ेंगी। अधिकारियों का दबाव हमारे ऊपर नहीं चलता।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने सीबीएसई स्कूलों द्वारा फीस और किताबों के नाम पर होने वाले शोषण को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधकों की बैठक बुलाकर सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन इनमें कोई बदलाव नहीं आया है। अब इस मामले में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
फोटो परिचय-लोगोें को गुमराह करता स्कूल का यह प्रचार  

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