राकेश प्रजापति
जालौन। नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित महुआ, आम, नीम, शीशम आदि की अवैध कटान का सिलसिला लगातार जारी है। बंगरा रोड स्थित आरा मशीन पर प्रतिबंधित फलदार वृक्ष महुआ की लकड़ी की चिराई चल रही है।
प्रशासन द्वारा औषधीय व फलदार वृक्षों की कटान ओर रोक लगाई गई है। लेकिन वन विभाग की ढिलाई और मिलीभगत के चलते कई क्षेत्रों में लकड़ी माफिया सक्रिय हैं। वे पुराने परमिट को दिखाकर लंबे समय तक कटान और बिक्री करते रहते हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरा मशीन पर चल रही चिराई पर सवाल खड़े किए हैं। नगर में संचालित आरा मशीनों पर प्रतिबंधित लकड़ी की चिराई लगातार जारी है। बंगरा रोड स्थित एक आरा मशीन पर प्रतिबंधित फलदार वृक्ष महुआ की लकड़ी की चिराई की जा रही है। विनय, जसवंत आदि ने बताया कि इन लकड़ियों की बाजार में अच्छी कीमत मिलने के कारण इसकी मांग अधिक रहती है, और इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध तरीके से व्यापार कर रहे हैं। लोगों ने डीएम से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और पुराने परमिटों की आड़ में हो रही अवैध कटान पर तत्काल रोक लगाई जाए। जब इस सम्बंध में रेंजर हरिकिशोर शुक्ला से बात करनी चाही तो उनका फोन नहीं उठा।
फोटो परिचय : चुंगी नबर चार स्थित आरा मशीन के पास पड़ी महुआ की लकड़ी।
जालौन। नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित महुआ, आम, नीम, शीशम आदि की अवैध कटान का सिलसिला लगातार जारी है। बंगरा रोड स्थित आरा मशीन पर प्रतिबंधित फलदार वृक्ष महुआ की लकड़ी की चिराई चल रही है।
प्रशासन द्वारा औषधीय व फलदार वृक्षों की कटान ओर रोक लगाई गई है। लेकिन वन विभाग की ढिलाई और मिलीभगत के चलते कई क्षेत्रों में लकड़ी माफिया सक्रिय हैं। वे पुराने परमिट को दिखाकर लंबे समय तक कटान और बिक्री करते रहते हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरा मशीन पर चल रही चिराई पर सवाल खड़े किए हैं। नगर में संचालित आरा मशीनों पर प्रतिबंधित लकड़ी की चिराई लगातार जारी है। बंगरा रोड स्थित एक आरा मशीन पर प्रतिबंधित फलदार वृक्ष महुआ की लकड़ी की चिराई की जा रही है। विनय, जसवंत आदि ने बताया कि इन लकड़ियों की बाजार में अच्छी कीमत मिलने के कारण इसकी मांग अधिक रहती है, और इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध तरीके से व्यापार कर रहे हैं। लोगों ने डीएम से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और पुराने परमिटों की आड़ में हो रही अवैध कटान पर तत्काल रोक लगाई जाए। जब इस सम्बंध में रेंजर हरिकिशोर शुक्ला से बात करनी चाही तो उनका फोन नहीं उठा।
फोटो परिचय : चुंगी नबर चार स्थित आरा मशीन के पास पड़ी महुआ की लकड़ी।
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