नारायण तिवारी
कुठौंद (जालौन)। विकासखंड कुठौंद के अंतर्गत ग्राम पंचायत रोमई मुस्तकिल में सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित बृहद गौशाला की हालत दयनीय हो गई है। मीडिया द्वारा मौके पर जायजा लेने पर पता चला कि पिछले पांच माह से ठेकेदार लापता है। गौशाला की ओर किसी भी अधिकारी ने रुख नहीं किया है।
ग्राम प्रधान विनोद कुमार राठौर ने बताया कि गौशाला तक पहुंचने के लिए न तो पुलिया है और न ही पक्की सड़क। बरसात में आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। निर्माण की गुणवत्ता बेहद घटिया है। गौशाला के तीन सेट की छतें हवा में उछाल मार रही हैं। तार फेंसिंग इतनी कमजोर है कि गोवंश कभी भी बाहर निकल सकते हैं और जंगली जानरों के प्रवेश का खतरा बना रहता है।
कुठौंद (जालौन)। विकासखंड कुठौंद के अंतर्गत ग्राम पंचायत रोमई मुस्तकिल में सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित बृहद गौशाला की हालत दयनीय हो गई है। मीडिया द्वारा मौके पर जायजा लेने पर पता चला कि पिछले पांच माह से ठेकेदार लापता है। गौशाला की ओर किसी भी अधिकारी ने रुख नहीं किया है।
ग्राम प्रधान विनोद कुमार राठौर ने बताया कि गौशाला तक पहुंचने के लिए न तो पुलिया है और न ही पक्की सड़क। बरसात में आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। निर्माण की गुणवत्ता बेहद घटिया है। गौशाला के तीन सेट की छतें हवा में उछाल मार रही हैं। तार फेंसिंग इतनी कमजोर है कि गोवंश कभी भी बाहर निकल सकते हैं और जंगली जानरों के प्रवेश का खतरा बना रहता है।
गौशाला में न तो हरा चारा काटने की व्यवस्था है, न बिजली, न यूनियन, न खाद के गड्ढे और न ही नाली। चारे की छत चटकने लगी है। सांड, गाय और बछड़ों को एक साथ रखा गया है, जबकि शासन के मानकों के अनुसार इनके लिए अलग-अलग व्यवस्था होनी चाहिए थी। वर्तमान में नवनिर्मित गौशाला में ताला लगा हुआ है, जबकि भूसा घर उपयोग में लेकर दोहरे खर्च से बचा जा सकता था।
प्रधान ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले गौशाला को संचालित कर अधूरी व्यवस्थाओं को पूरा कराया जाए, ताकि गोवंश सुरक्षित स्थान पर रह सकें।
फोटो परिचय- नवनिर्मित गौशाला में ताला लगा
प्रधान ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले गौशाला को संचालित कर अधूरी व्यवस्थाओं को पूरा कराया जाए, ताकि गोवंश सुरक्षित स्थान पर रह सकें।
फोटो परिचय- नवनिर्मित गौशाला में ताला लगा
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