वैचारिक बौद्ध संगोष्ठी के पहले दिन गूंजे धम्म के संदेश


- मुख्य अतिथि ने कराया बौद्ध कथा का श्रवण
उरई (जालौन)। तथागत गौतम बुद्ध विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय वैचारिक बौद्ध संगोष्ठी के पहले दिन धम्म, समरसता और ज्ञान के संदेशों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में गैर जनपदों से आए प्रखर वक्ताओं ने बौद्ध धर्म और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भंते सुमित रत्न थेर द्वारा तथागत गौतम बुद्ध और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद भंते सुमित रत्न थेर ने बौद्ध वंदना कराई और उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान बुद्ध की कथा का श्रवण कराया, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर हो उठा। 

मंच के दूसरे सत्र में कथावाचक सुमन बौद्ध ने बौद्ध संगीत के माध्यम से पंचशील कथा प्रस्तुत की। उन्होंने पांचों शीलों का महत्व बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति इन सिद्धांतों को अपने जीवन में धारण करता है, वही सच्चा बौद्ध अनुयायी कहलाता है। विशिष्ट अतिथि सांसद नारायणदास अहिरवार ने अपने संबोधन में लोगों से भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बौद्ध धम्म विश्व का सर्वोत्तम दर्शन है, जो मानवता, करुणा और समानता का संदेश देता है। वहीं, अन्य वक्ताओं में डॉ. एमपी सिंह, राजबहादुर मौर्य, के.पी. राहुल और एस.एन. कुमार ने अपने विचार रखते हुए बौद्ध दर्शन की महत्ता पर प्रकाश डाला।

 वक्ताओं ने कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक मौर्य के जीवन परिवर्तन का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाकर उसे विश्व स्तर पर फैलाया। आयोजन समिति के जिलाध्यक्ष आरपी कुशवाहा के नेतृत्व में टीम ने सभी अतिथियों का बैज और बौद्ध गमछा पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में पूर्व विधायक संत राम कुशवाहा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान पूर्व विधायक शिवराम कुशवाहा, लाखन सिंह कुशवाहा, वीर पाल दादी, रामशरण जाटव, नाथूराम बौद्ध, राम भरोसे कुशवाहा, देवेंद्र सिंह कुशवाहा, वरिष्ठ पत्रकार के पी सिंह,डॉ. हरिओम कुशवाहा, सूरज सिंह कुशवाहा, सुंदर सिंह कुशवाहा, प्रिंस कुशवाहा, चरण सिंह कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा, लोकेंद्र कुशवाहा, बृजलाल जैसारी, शंभू दयाल अहिरवार, अनिल कुदारी,जयप्रकाश कुशवाहा, एड प्रमोद वर्मा, एड जयकरण खारूसा,सहित बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे।
महामंत्री मोहन सिंह कुशवाहा ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया और प्रथम दिवस का समापन कराया।

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