बेतवा नदी की जलधारा रोकने से किसानों को भारी नुकसान


उरई(जालौन)। डकोर थाना क्षेत्र के मुहाना सब्जी किसानों की पानी की परेशानी औऱ गर्मी के मौसम में 45 डिग्री तापमान चलते औऱ बेतवा नदी जलधारा रोकने से सब्जी की बारियां सूख रही हैं किसानों को भारी नुकसान है।   

मुहाना-चिकासी के बीच बेतवा नदी की जलधारा को हमीरपुर जिले के चिकासी खंड संख्या 26/18 के खनन संचालक ने बीच से रोक दिया है। नदी में एंगल, मौरंग भरी बोरियो से धारा बंद करने से किनारे सब्जी की खेती करने वाले किसानों की 20 से 25 बीघा फसल सूखने के कगार पर है। पानी के अभाव में लौकी, कद्दू, करेला, बैंगन, टमाटर, खीरा, तरबूज, ककड़ी और खरबूजे पीली पड़कर सूख रही हैं। सब्जी किसानों ने बताया कि एक माह पूर्व भी खंड संचालक ने जलधारा रोकी थी। सब्जी किसानों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। इस पर एसडीएम जालौन नेहा ब्याडवाल टीम के साथ मौके पर पहुंची थीं। उन्होंने जायजा लेकर खदान संचालक को कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी दबंगई के साथ फिर से नदी के बीचोबीच अवरोध खड़ा कर जलधारा रोक दी गई है। मुहाना निवासी सब्जी किसान मिरचाई निषाद, हरपाल, महीपत, मगी केवट, परमाई और भीकम केवट ने बताया कि वे कई बरसों से बेतवा किनारे बड़ी मेहनत और कर्ज के पैसे से सब्जी की बारियां लगाकर जीवन यापन कर रहे हैं। इस वर्ष दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ गर्मी से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, दूसरी तरफ मौरंग माफिया द्वारा जलधारा रोकने से सिंचाई ठप है। पानी न मिलने से प्रतिदिन चार से पांच कुंतल सब्जी पीली पड़कर सूख रही है।  

पहले पुल बंद होने से झेला नुकसान   
सब्जी किसानों ने बताया कि फरवरी से मार्च तक 45 दिनों के लिए मुहाना बेतवा पुल मरम्मत के चलते बंद था। उस दौरान वाहनों के अभाव में सब्जी बाजार तक नहीं पहुंच पाई थी। इससे पहले ही भारी नुकसान हुआ था। अब जलधारा रुकने से बची-खुची फसल भी बर्बाद हो रही है 


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सब्जी किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नदी की जलधारा को तत्काल खुलवाया जाए और खनन माफिया पर सख्त कार्रवाई की जाए चेतावनी के बाद भी दोबारा धारा रोकना प्रशासन को खुली चुनौती है। समय रहते पानी न मिला तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी।  
फोटो परिचय- बेतवा नदी की रोकी गई जलधारा और पानी के अभाव में सूखती सब्जी की फसल दिखाते किसान

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