हजरत सखावत हुसैन चिश्ती का 22वां सालाना उर्स, सूफियाना कलामों से गूंजा कर्बला मैदान


-कव्वाली की महफिल में झूमे अकीदतमंद, दुआओं के साथ हुआ समापन
 कैफ रजा 
कालपी(जालौन)। नगर के प्राचीन कर्बला मैदान स्थित हजरत सखावत हुसैन चिश्ती रहमतुल्ला के आस्ताने पर 22वां सालाना एक दिवसीय उर्स अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर देर रात तक चली महफिल-ए-शमा में सूफियाना कव्वालियों ने माहौल को रूहानी रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दरगाह पर चादरपोशी और फातिहा के साथ हुई, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे अकीदतमंदों ने मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। इसके बाद आयोजित कव्वाली महफिल में खैराबाद के सब्बीर अहमद नसीरी और कानपुर के सरफराज शोला की मशहूर कव्वाल पार्टियों ने अपने कलाम पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कव्वालों ने मौला अली और ख्वाजा गरीब नवाज की शान में एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए, जिन पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे। महफिल में “मेरा अली वो मेरा अली लाजवाब है…” जैसे कलामों ने विशेष रूप से लोगों की वाहवाही बटोरी।
उर्स के आयोजक फहीम ठेकेदार और टुइयां सहित अन्य व्यवस्थापकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान सैयद शाहनूर मियां हाफिज, इरशाद अशरफी, कमर अहमद, सलीम अंसारी, सुलेमान मंसूरी, अजीमुल्ला अंसारी, आसिफ कुरैशी एडवोकेट, जमाल बाबा, सज्जाद मास्टर, सलीम राईन, हाफिज दावर रजा, आबिद खान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रविवार सुबह कुल शरीफ की फातिहा और लंगर वितरण के साथ उर्स का समापन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
फोटो- कर्बला मैदान स्थित आस्ताने पर आयोजित महफिल-ए-शमा में कव्वाली का आनंद लेते अकीदतमंद।

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