--प्रधान के तीन भाई जॉब कार्ड से मजदूरी के साथ साथ ले रहे है गोपालक केयर टेकर का मानदेय,
---आयुक्त ग्राम्य विकास लखनऊ से शिकायत।
----विकास खंड महेवा के ग्राम पंचायत शाहजहांपुर का मामला।
(सुरेश खरकिया)
जालौन।जनपद जालौन का विकास खण्ड महेवा की ग्राम पंचायत शाहजहांपुर एक बार फिर चर्चा में हैं,रोजगार सेवक उमेश कुशवाहा ने पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान सहित ब्लॉक के अधिकारियों की मिलीभगत से अपनी पत्नी,दो सगे भाई के जॉब कार्ड बना कर लाखों की धनराशि गबन की है। वहीं ग्राम प्रधान के तीन सगे भाइयों व अन्य परिवारजनों के जॉब कार्ड बना कर धनराशि का बंदर बांट कर रहा है।
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आश्चर्य वाली बात है कि प्रधान के भाई जॉब कार्ड की मजदूरी के साथ साथ गोशाला केयर टेकर का मानदेय भी ले रहे है। जबकि शासन ने सख्त आदेश दिए थे कि फर्जीवाड़ा न हो,लेकिन जिम्मेदार आदेश को नहीं मानते। शिकायतकर्ता ने इस मामले से आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ को पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की है।
गौरतलब है कि विकास खंड महेवा के ग्राम पंचायत शाहजहांपुर में रोजगार सेवक उमेश कुशवाहा है। इन्होंने अपनी पत्नी ज्योति कुशवाहा का जॉब कार्ड संख्या 186-ए,भाई अनिल कुमार पुत्र सुरेन्द्र पाल जॉब कार्ड संख्या 152, अंकुर पाल पुत्र सुरेन्द्र पाल जॉब कार्ड संख्या 336 को बना कर लगातार कई वर्षों से फर्जी भुगतान किया जा रहा था। इतना ही नहीं रोजगार सेवक ने ग्राम प्रधान उदयवीर के भाइयों किरण बाबू जॉब कार्ड संख्या 182, बलवीर पांचाल जॉब कार्ड संख्या 511 यह दोनों भाई गोशाला केयर टेकर का मानदेय भी लेते है और जगदीश जॉब कार्ड संख्या 547 है,वही मुश्ताक नाम के गोशाला केयर टेकर का जॉब कार्ड 58 बना हुआ है। जिसमें लाखों रूपये की फर्जी मजदूरी निकाली गई है।
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शिकायतकर्ता द्वारा संपूर्ण मामले की शिकायत अधिकारियों से की थी,साथ ही अभिलेख उपलब्ध करवाए। इसकी शिकायत आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ,पंचायती राज मंत्री से की है।
जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध बताई है।
डीसी मनरेगा रामेंद्र सिंह कुशवाह ने कड़ी कार्यवाही की बात कही है।
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शाहजहांपुर का रोजगार सेवक उमेश कुशवाहा करता है आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी।
ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा योजना को रोजगार सेवक ने आय का साधन बना दिया है,बिना कार्यों के भुगतान करवा लेता है,स्टीमेट और एमबी स्वयं बनाता है। मजदूरी की धनराशि को अपने और प्रधान के परिजनों के जॉब कार्ड में डाल कर बंदर बांट करता है। पूर्व में शिकायतें हुई लेकिन जिम्मेदारों की मिलीभगत से मामले को दबा दिया गया है। मैटेरियल के अधिकतर भुगतान अपने रिश्तेदार की फर्म में कराता है जो महेवा विकास खंड में प्रधान हैं।
फोटो परिचय -प्रधान उदयवीर के भाई किरण
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मनरेगा योजना में फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड है शाहजहांपुर का रोजगार सेवक।
ब्लॉक के कर्मचारियों का कहना है कि रोजगार सेवक अधिकारियों को मांस मच्छी,तीतर बटेर और मदिरा का इंतजाम करता है। इसलिए अधिकारी भी उक्त रोजगार सेवक को गांवों में ठेकेदारी की छूट दिए हुए हैं,जिस कारण प्रधानों,रोजगार सेवकों और सचिवों में रोष व्याप्त है।
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