जालौन में नाबालिग की मौत पर अब सियासत गरमा गई है… पिता दर-दर भटक रहा है, लेकिन इंसाफ अब तक दूर है… अब बसपा का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक के दरबार पहुंचा और बड़ा सवाल उठा दिया—आखिर 15 साल के बच्चे के साथ हुआ क्या? और आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर क्यों हैं?
जालौन जिले में एक नाबालिग की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं रह गया, बल्कि अब यह कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर बड़ा सवाल बनता जा रहा है।
पूरा मामला थाना गोहन क्षेत्र का है, जहां 15 वर्षीय फईम के अपहरण और हत्या का आरोप लगाया गया है। पीड़ित पिता नईम खान लगातार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। कभी थाना, कभी क्षेत्राधिकारी, तो कभी पुलिस अधीक्षक कार्यालय—लेकिन अब तक उसे संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिल सकी है।
शिकायत के मुताबिक, 5 मार्च 2026 को फईम घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। बाद में उसकी लाश संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुई। परिजनों का आरोप है कि पहले उसका अपहरण किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं, पिता ने कुछ लोगों के नाम भी सामने रखे हैं, जिन पर इस पूरे मामले में संलिप्त होने का शक जताया गया है।
सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित परिवार का कहना है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ अभी तक सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। यही वजह है कि परिवार बार-बार पुलिस अधिकारियों के पास जाकर न्याय की गुहार लगा रहा है।
इसी बीच अब इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष अतर सिंह पाल, जिला पंचायत सदस्य, मंडल कॉर्डिनेटर राजेश जाटव, मोहम्मद इकलाख राईन और विधानसभा अध्यक्ष बीरपाल चौधरी समेत कई नेता शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक के सामने साफ तौर पर कहा कि इस पूरे मामले में जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज किया जाए, नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाए। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि पूरे समाज का सवाल है कि आखिर एक नाबालिग सुरक्षित क्यों नहीं है।
बसपा नेताओं ने यह भी कहा कि अगर समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए, नहीं तो पार्टी आगे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।
वहीं, दूसरी तरफ सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि एक पिता अपने बेटे के लिए इंसाफ मांग रहा है और लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। उसकी उम्मीद सिर्फ इतनी है कि उसके बेटे के साथ जो हुआ, उसका सच सामने आए और दोषियों को सजा मिले।
अब इस पूरे मामले में सबकी नजर पुलिस प्रशासन पर टिकी हुई है। क्या पुलिस इस मामले का जल्द खुलासा कर पाएगी? क्या नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
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