(विवेक मिश्रा)
जालौन । चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन देवी भक्तों ने मंदिरों में मां सिद्धदात्री की पूजा-अर्चना की तथा घरों में बोए गए जवारों को भी चढ़ाया। नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र में देवी मंदिरों में देवी भक्तों की विशाल भीड़ उमड़ी। पहाड़पुरा में माँ कामांक्षा देवी मंदिर पर व नगर की शक्तिपीठ बडी माता मंदिर, छोटी माता मंदिर पर सुबह से शाम तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
नवरात्रि में नवमें दिन मां सिद्धदात्री की पूजा अर्चना की गई देवी भक्तों ने रोरी, चंदन व फूल, मालाऐं चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। नवरात्रि में देवी मां के 9 अलग-अलग रूपों में पूजा की जाती है। जिसमें नगर व क्षेत्र के देवी मंदिरों में आज सिद्धदात्री मां की पूजा अर्चना की गई। पुराणों के अनुसार यह देवी 4 भुजाओं वाली तथा शेर पर सवार हैं। आज के दिन इनकी पूजा करने से सभी मनोकामनाऐं पूर्ण होती हैं। इसलिए इनका नाम सिद्धदात्री पड़ा। घरों में जवारों की स्थापना करने वाले नगर व क्षेत्र के देवी भक्त मुंह में सांग छेदकर व जवारे लेकर देवी मंदिर पहुंचे। नगर में छोटी माता मंदिर, बड़ी माता मंदिर, लखिया मंदिर व ग्राम पहाड़पुरा में कामांक्षा देवी मंदिर पर सुबह से ही देवी भक्तों की भारी भीड़ लगी रही।सभी देवी भक्त अपने-अपने घटों को लेकर अचरी गाते हुए देवी मंदिरों की ओर खिंचे चले आ रहे थे। कई भक्त नाचते-गाते देवी मैया के जयकारों के साथ मंत्र मुग्ध थे। देवी मां के भक्त मुंह में सांग छेदकर रास्तों पर दौड़ लगाते हुए आ-जा रहे थे। वहीं महिलाऐं भी अपने सिरों पर जवारों के घट रखे हुए भक्ति भाव से देवी मां के गीतों को गाते हुए रास्तों पर जा रहीं थीं।
फोटो परिचय- देवी सिद्धिदात्री
जालौन । चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन देवी भक्तों ने मंदिरों में मां सिद्धदात्री की पूजा-अर्चना की तथा घरों में बोए गए जवारों को भी चढ़ाया। नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र में देवी मंदिरों में देवी भक्तों की विशाल भीड़ उमड़ी। पहाड़पुरा में माँ कामांक्षा देवी मंदिर पर व नगर की शक्तिपीठ बडी माता मंदिर, छोटी माता मंदिर पर सुबह से शाम तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
नवरात्रि में नवमें दिन मां सिद्धदात्री की पूजा अर्चना की गई देवी भक्तों ने रोरी, चंदन व फूल, मालाऐं चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। नवरात्रि में देवी मां के 9 अलग-अलग रूपों में पूजा की जाती है। जिसमें नगर व क्षेत्र के देवी मंदिरों में आज सिद्धदात्री मां की पूजा अर्चना की गई। पुराणों के अनुसार यह देवी 4 भुजाओं वाली तथा शेर पर सवार हैं। आज के दिन इनकी पूजा करने से सभी मनोकामनाऐं पूर्ण होती हैं। इसलिए इनका नाम सिद्धदात्री पड़ा। घरों में जवारों की स्थापना करने वाले नगर व क्षेत्र के देवी भक्त मुंह में सांग छेदकर व जवारे लेकर देवी मंदिर पहुंचे। नगर में छोटी माता मंदिर, बड़ी माता मंदिर, लखिया मंदिर व ग्राम पहाड़पुरा में कामांक्षा देवी मंदिर पर सुबह से ही देवी भक्तों की भारी भीड़ लगी रही।सभी देवी भक्त अपने-अपने घटों को लेकर अचरी गाते हुए देवी मंदिरों की ओर खिंचे चले आ रहे थे। कई भक्त नाचते-गाते देवी मैया के जयकारों के साथ मंत्र मुग्ध थे। देवी मां के भक्त मुंह में सांग छेदकर रास्तों पर दौड़ लगाते हुए आ-जा रहे थे। वहीं महिलाऐं भी अपने सिरों पर जवारों के घट रखे हुए भक्ति भाव से देवी मां के गीतों को गाते हुए रास्तों पर जा रहीं थीं।
फोटो परिचय- देवी सिद्धिदात्री
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