(हिमांशु खरकिया )
उरई(जालौन)। जिले के गोहन थाना क्षेत्र में एक पिता की दर्दनाक लाचारी सामने आई है, जहां उसे अपने 15 वर्षीय नाबालिग बेटे की हत्या के बाद भी न्याय नहीं मिल पाया है। पीड़ित पिता ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आंखों में आंसू और हाथ में शिकायती लेकर इंसाफ की गुहार लगाई।
पीड़ित पिता का आरोप है कि उसके बेटे फईम की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। घटना की सूचना देने के बाद से वह थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। थाना स्तर पर सुनवाई न होने के बाद वह सीओ कार्यालय तक भटका, लेकिन उसे सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले। मजबूर पिता ने आखिरकार पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के दरवाजे पर दस्तक दी।
पीड़ित ने बताया कि उसका बेटा छोटा था, उसकी पूरी जिंदगी बाकी थी, लेकिन हत्यारों ने उसका भविष्य छीन लिया। शिकायती पत्र में पिता ने मांग की है कि नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उसने कहा, ष्अगर प्रशासन ने अब भी नहीं सुना तो हमारा कौन सुनेगा?ष् स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नाबालिग की मौत के मामले में पिता का इस तरह भटकना व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। अब सबकी निगाहें एसपी द्वारा मामले के संज्ञान में लिए जाने और कार्रवाई पर टिकी हैं।
फोटो परिचय-एसपी न्याय की गुहार लगाते पीड़ित
उरई(जालौन)। जिले के गोहन थाना क्षेत्र में एक पिता की दर्दनाक लाचारी सामने आई है, जहां उसे अपने 15 वर्षीय नाबालिग बेटे की हत्या के बाद भी न्याय नहीं मिल पाया है। पीड़ित पिता ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आंखों में आंसू और हाथ में शिकायती लेकर इंसाफ की गुहार लगाई।
पीड़ित पिता का आरोप है कि उसके बेटे फईम की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। घटना की सूचना देने के बाद से वह थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। थाना स्तर पर सुनवाई न होने के बाद वह सीओ कार्यालय तक भटका, लेकिन उसे सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले। मजबूर पिता ने आखिरकार पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के दरवाजे पर दस्तक दी।
पीड़ित ने बताया कि उसका बेटा छोटा था, उसकी पूरी जिंदगी बाकी थी, लेकिन हत्यारों ने उसका भविष्य छीन लिया। शिकायती पत्र में पिता ने मांग की है कि नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उसने कहा, ष्अगर प्रशासन ने अब भी नहीं सुना तो हमारा कौन सुनेगा?ष् स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नाबालिग की मौत के मामले में पिता का इस तरह भटकना व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। अब सबकी निगाहें एसपी द्वारा मामले के संज्ञान में लिए जाने और कार्रवाई पर टिकी हैं।
फोटो परिचय-एसपी न्याय की गुहार लगाते पीड़ित
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